धूमनगंज के बकराबाद इलाके में रविवार रात सरिया लदी बेकाबू अप्पे अनियंत्रित होकर पलट गई। अप्पे की नीचे दबकर एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद चालक अप्पे छोड़कर फरार हो गया। मजदूर के मौत की जानकारी होने पर घरवाले रोते-कलपते पहुंचे। धूमनगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बकराबाद, धूमनगंज का लालचंद्र रैदास मजदूरी करता है। इन दिनों वह बीमार है। उनका बेटा सुनील रैदास (22) भी मजदूरी करता है। रविवार रात वह एक अप्पे में सरिया लादकर घर की ओर जा रहा था। घर से लगभग सौ मीटर पहले अप्पे अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद चालक भाग निकला। सुनील अप्पे के नीचे दबकर चीखता रहा। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे राहगीरों की नजर पड़ी तो शोर मचाया। किसी तरह अप्पे को उठाया गया तो सुनील नीचे दब था। उसकी सांस थम चुकी थी। हादसे के बारे में पता चला तो सुनील के घरवाले रोते-बिखलते पहुंचे। धूमनगंज पुलिस ने सुनील को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत से मां ऊषा का रोकर बुरा हाल था।