मामले में बिजनौर के अफजलगढ़ थाने में दर्ज एफ आईआर को रद्द करने तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याची का कहना है कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है। पति-पत्नी दोनों ने संयुक्त हलफनामा दाखिल कर कहा है कि अपहरण के आरोप में दर्ज केस रद्द किया जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालिग जोड़े के शादी करने के मामले में परिजनों की ओर से दर्ज कराए गए एफ आईआर की कार्रवाई को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा, समझौता हो चुका है। पति पत्नी के बीच कोई विवाद नहीं रह गया है। कोर्ट पहले ही सुरक्षा का आदेश दे चुकी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति एनके जौहरी की खंडपीठ ने मोहम्मद साहिल कुरैशी तथा चार अन्य की याचिका को मंजूर करते हुए दिया है।
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मामले में बिजनौर के अफजलगढ़ थाने में दर्ज एफ आईआर को रद्द करने तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याची का कहना है कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है। पति-पत्नी दोनों ने संयुक्त हलफनामा दाखिल कर कहा है कि अपहरण के आरोप में दर्ज केस रद्द किया जाए।