महाकुंभ के बाद अब रेलवे प्रशासन ने आगामी माघ मेले में भी रिंग रेल चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत प्रयागराज को सीधे अयोध्या और वाराणसी से जोड़ने के लिए एक प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। योजना को मंजूरी मिलती है तो संगमनगरी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तीनों धार्मिक शहरों के बीच आवागमन में खासी सहूलियत मिलेगी।
महाकुंभ 2025 के दौरान चलाई गई रिंग रेल से यात्रियों को खासी सहूलियत मिली थी। भारी भीड़ के दबाव को कम करने और श्रद्धालुओं को सुगम यातायात उपलब्ध कराने में यह ट्रेन सेवा बेहद मददगार साबित हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे अधिकारियों ने अब माघ मेले के अवसर पर भी इसका दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
प्रस्ताव के मुताबिक, यह रिंग रेल सेवा प्रयागराज को उत्तर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों वाराणसी और अयोध्या से जोड़ेगी, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के तीनों तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों के संचालन और समय-सारणी को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
पूरा चक्कर लगाकर लौट आती है रिंग रेल
इस व्यवस्था के तहत ट्रेन एक निश्चित दिशा में त्रिकोणीय सर्किट यानी प्रयागराज से चलकर वाराणसी, वाराणसी से अयोध्या और अयोध्या से सीधे प्रयागराज का पूरा चक्कर लगाती है। वहीं दूसरी रिंग रेल प्रयागराज से अयोध्या, वाराणसी और फिर वापस प्रयागराज आएगी। इससे यात्रियों को अलग-अलग ट्रेनें बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि यात्री या श्रद्धालु सुबह प्रयागराज से प्रस्थान करें, वाराणसी और अयोध्या के दर्शन करते हुए उसी दिन या अगली सुबह तक वापस प्रयागराज लौट आएं।
माघ मेला में रिंग रेल संचालन पर विचार किया जा रहा है। महाकुंभ में भी इसका संचालन किया गया था। उम्मीद है कि माघ मेला में भी इसका संचालन होगा। अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल