जिले के मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के लिए राहत की खबर है। सितंबर से यहां पांच बेड का वेंटिलेटर युक्त इमरजेंसी वार्ड शुरू होगा। इस वार्ड में गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया हो सकेगी। उन्हें प्रयागराज नहीं जाना होगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सोमनाथ ने सीएमएस को वेंटिलेटर वार्ड तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सितंबर तक वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। अभी तक हार्टअटैक, ब्रेन स्ट्रोक और हादसे के मरीजों को प्रयागराज रेफर किया जाता था। कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते थे।
अब 24 घंटे सीनियर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज मिलेगा। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वार्ड के लिए जगह तय हो गई है और मशीनें खरीदने का काम तेज है। इस सुविधा से सैकड़ों मरीजों को जीवनदान मिलेगा और उनका खर्च भी बचेगा।