बारा क्षेत्र के पांडर गांव में रविवार की रात गोशाला में सो रहे किसान विनोद शुक्ला की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। सोमवार तड़के पत्नी चाय देने गईं तो विनोद का खून से लथपथ शव पड़ा था। जांच कर पुलिस को प्रारंभिक तौर पर किसी दुश्मनी या लूट का मामला नहीं नजर आया। फिलहाल, कुछ बातें पता चलीं है, जिससे पुलिस का ध्यान किसी करीबी की तरफ गया है। विनोद की अंत्येष्टि के बाद घरवालों से पूछताछ की जाएगी।
पांडर गांव निवासी विनोद कुमार शुक्ला (55) घर में भाइयों में बड़े थे और खेती संभालते थे। वह गांव के एक संपन्न किसान माने जाते थे। उनकी एक भैंस बीमार थी, जिसकी देखरेख के लिए वह रात में गोशाला में ही सोते थे। रविवार की रात घर से खाना खाकर वह गोशाला में सोने चले गए। रात 11:00 बजे उनकी पत्नी आशा उनको पीने के लिए गर्म पानी देने गई थी, तब तक वह ठीक थे। सुबह पांच बजे जब घर के लोग सो कर उठे तो पत्नी उनके लिए चाय बना कर गोशाला में देने गई।
रजाई ओढ़ कर लेटे विनोद के चेहरे से जब उन्होंने रजाई हटाई तो खून से लथपथ चेहरा देख कर पत्नी के होश उड़ गए। वह दहाड़ मारकर वहीं गिरकर बेहोश हो गई। आवाज सुनकर घरवाले जब गोशाला की ओर गए तो विनोद का खून से लथपथ शव देखकर हतप्रभ रह गए। विनोद के छोटे भाई प्रमोद कुमार शुक्ला उर्फ गुड्डू ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित, सीओ बारा, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट व डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची। जांच के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। परिवार में कोहराम मचा है। एसपी यमुनापार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद किसी दुश्मनी का पता नहीं चला है। वह गोशाला में थे, इसलिए लूट का भी मामला नहीं है। कुछ सुराग मिले हैं, जिससे किसी करीबी पर शक है। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
कुछ दिन पहले बेटे की बीमारी की वजह से हो चुकी है मौत
विनोद के पिता 85 वर्षीय पिता नंद कुमार शुक्ला क्षेत्र के एक वरिष्ठ समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। नंद कुमार शुक्ला ने बताया कि कुछ दिन पूर्व विनोद के लड़के जैनेंद्र शुक्ला की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। विनोद ने अपनी दो लड़कियों की शादी कर दी थी। वह बेटे विकास व बहू के साथ रहते थे। विनोद के दो भाई मनोज और प्रमोद भी परिवार के साथ रहते हैं। पत्नी आशा शुक्ला की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
सैकड़ों साल से ऐसा अपराध नहीं हुआ पांडर गांव में
पांडर गांव के लोगों ने बताया कि उनके गांव के इतिहास में इस तरह का अपराध ही नहीं हुआ था। गांव के लोग घटना से पूरी तरह स्तब्ध हैं। पूरे गांव में एक अजीब सा सन्नाटा है। परिवार और गांव के लोगों ने जल्द से जल्द घटना के खुलासे की मांग की है।