आगामी विधानसभा चुनाव में भी हजारों लोग अपने मताधिकार से वंचित रह जाएं तो चौंकने वाली बात नहीं होगी। बीते 15 दिनों से भी अधिक समय से जारी पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए दो लोगों ने भी अपने-अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क नहीं किया। खास यह कि इस दौरान तीन विशेष अभियान भी चलाए जा चुके हैं।
विधानसभा की मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान 17 नवंबर से जारी है। एक जनवरी 2021 को 18 वर्ष या इससे अधिक आयु पूरी करने वाले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से मंडलायुक्त आर.रमेश कुमार को इसका प्रेक्षक नियुक्ति किया गया है। इसी क्रम में मंडलायुक्त ने बुधवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में अफसरों के अलावा राजनीतिक दलों तथा जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
एडीएम प्रशासन वीएस दुबे ने अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 12 विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत करीब पांच हजार बूथ हैं। कुल 4938 बीएलओ इस काम में लगाए गए हैं। वहीं प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अभी तक मात्र 9902 लोगों ने फार्म-6 भरा है। इस प्रकार एक बीएलओ लगभग दो नए मतदाताओं तक को सूची में नहीं जोड़ सका। वहीं नाम कटवाने के लिए फार्म-7 भरने वालों की संख्या 2269 है। विधायक राजमणि कोल, सपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता केके श्रीवास्तव, बसपा के महानगर अध्यक्ष सईद अहमद, भाजपा के कुंज बिहारी मिश्रा ने इस स्थिति पर चिंता जताई। नेताओं ने अभियान शुरू होने से पहले इस तरह की बैठक किए जाने की बात उठाई।
केके श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम एक सप्ताह आगे बढ़ाए जाने का प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर से पहले सभी बीएलओ और उनके मोबाइल नंबर की सूची राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। मंडलायुक्त ने 13 दिसंबर को चलने वाले विशेष अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। निर्देश दिए कि सभी बीएलओ अपने-अपने बूथ पर फार्म के साथ मौजूद रहेंगे। मंडलायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी बूथों पर अपने बीएलए नियुक्त करने की अपील की। बैठक में एसडीएम, एसीएम समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।