इलाहाबाद। दो वर्ष पूर्व टैगोर टाउन मोहल्ले में हुए वृद्ध महिला शोभा केसरवानी के सनसनीखेज हत्याकांड में कातिल बहू सुप्रिया ही है। अदालत ने मुकदमे के परीक्षण के बाद सुप्रिया को सास के कत्ल का गुनहगार ठहराया है। अपने अवैध संबंधों को छिपाने के लिए उसने सास शोभा का बेरहमी से कत्ल कर दिया। उसकी सजा पर कोर्ट 28 अक्तूबर को फैसला सुनाएगी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकार अहमद अंसारी ने कहा कि मुकदमे की समस्त परिस्थितियां अभियुक्त के चरित्र को संदेहास्पद बनाती हैं। शादी के कुछ समय बाद ही उसका संबंध एक लड़के से हो गया था।
टैगोर टाउन निवासी मदन लाल केसरवानी के घर यह सनसनीखेज वारदात सात मई 2012 को दिन में करीब दो बजे हुई थी। मदन लाल केसरवानी और उनका बेटा विकास किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। घर में उनकी पत्नी शोभा, बहू सुप्रिया और उसकी ढाई माह की बच्ची ही थे। सुप्रिया द्वारा जार्जटाउन थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मुताबिक दिन में करीब दो बजे दो युवक हाथ में लोहे की छड़ लेकर मुख्य दरवाजे से भीतर घुसे और आलमारी की चाबी मांगी। विरोध करने पर उनमें से एक ने घर में रखे लोढे़ से शोभा के सिर पर वार किया। सुप्रिया को भी धमकाया। इसके बाद बदमाश भाग गए। मदनलाल और विकास ने घर पहुंचने पर खिड़की की जाली कटवाकर दरवाजा खोला।
पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की तो सच्चाई दूसरी सामने आई। जांच अधिकारी धनंजय मिश्र को बाहर से किसी के आने का सुराग नहीं मिला। पुलिस ने सुप्रिया के खिलाफ ही आरोपपत्र दाखिल किया और अदालत ने साक्ष्यों तथा परिस्थितियों को देखते हुए उसे दोषी करार दिया है।