इलाहाबाद। व्यापारियों की सुविधा के लिए वाणिज्य कर विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ई-गवर्नेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से नगरीय क्षेत्रो में विभिन्न क्षेत्रों में सुविधा केंद्र बनाने का समझौता किया है। इसके पहले व्यक्तिगत आवेदकों को भी यह लाइसेंस दिए गए हैं। पहले चरण में एनएसडीएल सूबे में 250 सुविधा केंद्र खोलेगा। इन केंद्रों के जरिए व्यापारी ऑनलाइन फार्मों की डाउनलोडिंग, डाटा फीडिंग के साथ ई-रिटर्न भी दाखिल कर सकेंगे।
वाणिज्य कर विभाग कंप्यूटरीकरण पर फोकस कर रहा है। सभी सुविधाएं और सूचनाएं ऑनलाइन की जा रही हैं। व्यापारी और अधिवक्ता संगठनों की शिकायत है कि ज्यादातर व्यापारी कम पढ़े लिखे हैं। उन्हें कंप्यूटर पर कार्य करने की कोई जानकारी नहीं हैं। ऑन लाइन कार्य करना उनके लिए संभव नहीं है। विभाग के कार्यालय में मिली सुविधाओं का लाभ उठाने पर उत्पीड़न होता है। व्यापारियों की दिक्कतों को देखते हुए विभाग ने बीते मार्च में व्यक्तिगत आवेदकों को सुविधा केंद्र खोलने की इजाजत दी थी। अब एनएसडीएल से भी अनुबंध किया है। एनएसडीएल ही आयकर से जुड़े करदाताओं को सुविधाएं देता है। वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने वाणिज्य कर सुविधा केंद्र (सीटीएफसी) के लिए इलाहाबाद में ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) को नोडल अफसर नामित किया है।