इलाहाबाद (ब्यूरो)। मिर्जापुर जंक्शन पर मिलीं शहर की तीनों छात्राएं घर पहुंच गई हैं। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस की टीम परिजनों के साथ उन्हें वापस ले आई। घरवालों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि लड़कियां वापस आ गईं, अब उन्हें और कोई कार्रवाई नहीं चाहिए। लड़कियां भी यहीं कह रहीं थी कि घरवालों की डांट के कारण वे गई थीं। पुलिस ने फिलहाल शक के दायरे में आए युवक को छोड़ दिया गया है।
धूमनगंज के मुंडेरा और पोंगहट इलाके की रहने वाली चार लड़कियां बृहस्पतिवार दिन में लापता हुईं तो हड़कंप मच गया। खोजबीन के दौरान पता चला था कि लड़कियों में से एक मीरापट्टी के कुंदन पाल के साथ देखी गई है। कुंदन से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि चारों लड़कियों में एक उसकी दोस्त है। उसी के माध्यम से वह चारों लड़कियों के संपर्क में आया था। उन्हीं के कहने पर आज उसने सभी को जंक्शन पर हावड़ा एक्सप्रेस पर बिठा दिया था। वह कहां गईं, वह नहीं जानता। इसके बाद पुलिस ने ट्रेन की लोकेशन पता करके मिर्जापुर स्टेशन पर जीआरपी को एलर्ट कर दिया। जीआरपी ने ट्रेन में तीन लड़कियों को उतार लिया। चौथी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। तब तक यहां पता चला कि चौथी लड़की उन लोगों के साथ गई ही नहीं थी। वह स्टेशन से ही वापस घर चली गई थी। यहां से गई पुलिस टीम और घरवाले तीनों लड़कियों को लेकर देर रात इलाहाबाद पहुंच गए। लड़कियां बेहद डरी और घबराई हुई थी। उनके परिजन भी सहमे थे। वे न कोई रिपोर्ट दर्ज कराना चाह रहे थे न ही लड़कियों का बयान दर्ज कराना चाहते थे। पुलिस ने काफी प्रयास किया कि वे एफआईआर दर्ज करा दें लेकिन राजी नहीं हुए। लड़कियों ने सिर्फ इतना कहा कि फेल होने के बाद भी घर वालों ने उसी स्कूल में एडमीशन करा दिया था। मना करने पर डांटा था, इसी कारण वे घर छोड़कर जा रहीं थीं। इसके अलावा वे और कुछ नहीं कहना चाहती। एसओ विजय प्रताप ने बताया कि लड़कियों को उनके घर वालों को सौंप दिया गया। इस मामले में शक के दायरे में आए कुंदन पाल को भी छोड़ दिया गया। पूरे घटनाक्रम पर कुंदन के पिता बीएल पाल का कहना है कि उन्हें और उनके बेटे को फंसाने के लिए कुछ लोगों ने उनका नाम उछाला है। लड़कियों के लापता होने में न तो उनकी न ही बेटे कुंदन की कोई भूमिका थी। लड़कियों के बयान से भी उनकी बात की पुष्टि होती है।