फाफामऊ। मातादीन का पूरा गांव में बुधवार सुबह हुए दोहरे हत्याकांड के बाद बृहस्पतिवार को वहां तनाव भरा सन्नाटा रहा। गांव के अंदर और बाहर पुलिस तथा पीएसी के जवानों की तैनाती से शांति-व्यवस्था बनी रही। दुकानें बंद रहीं और लोगों की आवाजाही भी कम रही। अमर बहादुर पटेल की हत्या में मारे गए पूर्व फौजी कपिलदेव मौर्य के बेटे और दामाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रापर्टी डीलर फरार हैं। इस मामले में कई बार शिकायत के बावजूद लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी फाफामऊ सत्येंद्र सिंह को लाइन हाजिर और लेखपाल ओम प्रकाश यादव को निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई की पुष्टि एसडीएम सोरांव ने की।
फाफामऊ कस्बे से सटे मातादीन का पूरा गांव में बुधवार सुबह खून-खराबा और बवाल हो गया। गाजीपुर से आकर यहां बसे पूर्व फौजी कपिलदेव मौर्य ने गांव के बाहर प्रापर्टी डीलर से एक प्लॉट खरीदा था जिसकी वह चाहरदीवारी बना रहा था। गांव वालों ने आरोप लगाया कि वह रास्ते पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। बुधवार सुबह भी गांव वालों ने प्लॉट पर जाकर विरोध किया तो पूर्व फौजी ने गोली चला दी। सीने पर गोली धंसने से अमरबहादुर पटेल की मौत हो गई जबकि पूर्व फौजी के बेटे आदित्य समेत तीन लोग छर्रे धंसने से घायल हो गए। गुस्साए लोगों ने पूर्व फौजी को भी घेरकर ईंट और लाठी से पीट-पीटकर मार डाला। लोगों ने लखनऊ हाइवे पर ढाई घंटे तक चक्काजाम और पूर्व फौजी के प्लॉट पर आगजनी भी की। चहारदीवारी भी ढहा दी थी। बाद में पुलिस ने दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज कर लिया। मौके पर पुलिस-पीएसी की तैनाती कर दी गई।
दोहरे हत्याकांड के चलते गांव का माहौल बृहस्पतिवार को बदला सा रहा। पुलिस और पीएसी की टुकड़ियां गांव में गश्त करती रहीं। मारे गए पूर्व फौजी तथा फरार प्रापर्टी डीलर संतोष विश्वकर्मा के घरों के बाहर भी पुलिस का पहरा रहा। गांव में दुकानें बंद रहीं। ज्यादातर लोग भी घरों में ही रहे। अमर बहादुर की हत्या में पूर्व फौजी कपिलदेव मौर्य, उसके बेटे आदित्य, दामाद रूपेश, प्रापर्टी डीलर संतोष विश्वकर्मा तथा गिरीश मौर्य को नामजद किया गया है। पुलिस ने आदित्य और रूपेश को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त राइफल और बंदूक तो पुलिस को मौके पर ही टूटी मिली थी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल दूसरे पक्ष से गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मातादीन का पूरा में रास्ते पर चहारदीवारी बनाने के विरोध के दौरान पूर्व फौजी ने अमर बहादुर पटेल को गोली मारी थी और बताया गया था कि उसने राइफल से फायर किया था। मगर अमरबहादुर के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कुछ और ही पता चला है। डॉक्टरों को अमरबहादुर के शव तीन पिलेट्स यानी छर्रे मिले हैं। उसे राइफल की गोली नहीं लगी थी बल्कि वह बंदूक की फायरिंग में मारा गया था। पुलिस को मौके पर राइफल के साथ ही टूटी दोनाली बंदूक भी मिली थी। जिसे लोगों ने छीनकर तोड़ डाला था। सोरांव पुलिस ने दोनों असलहे कब्जे में लिए हैं।
अमरबहादुर की गोली मारकर हत्या के बाद पूर्व फौजी कपिलदेव मौर्य को गांव वालों ने मार डाला था। उसे पीटा गया था और शक जताया गया कि कनपटी पर गोली भी मारी गई थी। मगर बृहस्पतिवार को परिवार के लोगों के आने पर पोस्टमार्टम हुआ तो रिपोर्ट से साफ हो गया कि उसे गोली नहीं मारी गई थी। पीएम रिपोर्ट से पता चला है कि कपिलदेव के सिर की बायीं ओर की हड्डी टूटी थी। सीने की हड्डियां तो बुरी तरह टूटी थीं। शरीर में एक भी गोली नहीं मारी गई। परिजनों के नदारद रहने की वजह से बुधवार को कपिलदेव के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।