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खोई जमीन के लिए रेलवे का संयुक्त सर्वे शुरू

Sun, 25 May 2014 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। मार्च-अप्रैल में रेलवे के लाल निशान को लेकर खड़े हुए बखेड़ा का जिन्न फिर सामने आने जा रहा है। जीआईसी से लेकर फाफामऊ तक ट्रैक के दोनों ओर रेलवे की खोई हुई जमीन की जांच के लिए राजस्व अभिलेख और नक्शा के आधार पर संयुक्त सर्वे शुरू हो गया है। दावा किया जा रहा है कि पहले दो दिनों की जांच में जीआईसी के पास रेलवे की काफी जमीन पर केपी ट्रस्ट का कब्जा मिला है। तालाब का बड़ा हिस्सा भी रेलवे का बताया जा रहा है। जल्द ही यह जांच बैरहना, अलोपीबाग, सोहबतियाबाग, एलआईसी कालोनी तक पहुंचने वाली है। इसे लेकर फिर बवाल खड़ा हो सकता है। रेलवे के सर्वे में करीब पांच हजार लोगों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने इलाहाबाद जंक्शन से फाफामऊ के बीच रेलवे लाइन के दोनों ओर मार्च-अप्रैल में लाल निशान लगाए थे। दावा किया था कि रेलवे की जमीन पर कब्जा करके लोगों ने मकान बना लिए हैं। रेलवे के इस सर्वे में पूरी एलआईसी कालोनी आ गई। इसे लेकर हड़कंप मचा लेकिन चुनावी माहौल में कार्रवाई रुक गई। परंतु, उत्तर रेलवे लगातार इसके प्रयास में जुटा रहा जो अब संयुक्त सर्वे के रूप में सामने है। सर्वे में उत्तर रेलवे के अफसर और कर्मचारी नक्शा और अंग्रेजों जमाने में अधिग्रहीत जमीन के अभिलेख लेकर पहुंच रहे हैं तो तहसील की टीम राजस्व अभिलेख के साथ। रेलवे अफसरों का दावा है कि दो दिनों के सर्वे के दौरान लाल निशान सही मिले हैं।
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सदर के तहसीलदार नंद कुमार मौर्य के मुताबिक संयुक्त सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसमें रेलवे के अफसर अधिग्रहण के रिकार्ड के आधार पर निशान लगा रहे हैं। रेलवे की जमीन कहां है और कहां नहीं, यह रेलवे के अफसर बता सकेंगे। उधर, रेल अफसरों का कहना है कि राजस्व अभिलेखों से मिलान के बाद ही यह निशान लगाए जा रहे हैं।
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