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हरिद्वार एक्सप्रेस बेपटरी, कई ट्रेनें फंसने से यात्री परेशान

Sun, 01 Dec 2013 05:40 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। हरिद्वार से इलाहाबाद आने वाली हरिद्वार एक्सप्रेस के तीन डिब्बे शुक्रवार की देर रात पटरी से उतर गए। लखनऊ और रायबरेली के बीच निगोहा स्टेशन के पास हुई इस दुर्घटना में ट्रेन के एसएलआर और दो जनरल डिब्बों के उतरने से हड़कंप मच गया। इसमें दर्जनभर यात्री भी घायल हो गए। साथ ही पूरा रूट 13 घंटे तक बंद रहा। इसके कारण इलाहाबाद और प्रतापगढ़ से लखनऊ की ओर जाने और आने वाली ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया गया। इससे बड़ी संख्या में यात्री बीच के स्टेशनों पर ही फंस गए। इसे लेकर शनिवार दोपहर तक यात्रियों में अफरातफरी रही। लखनऊ इंटरसिटी और गंगा-गोमती एक्सप्रेस के यात्रियों ने ट्रेन छोड़कर बस पकड़ ली।
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गाड़ी संख्या 14116 हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस शुक्रवार रात में लखनऊ से छूटी तो यात्री गहरी नींद में सो गए। निगोहा स्टेशन के पास रात 2.45 बजे ट्रेन के पिछले हिस्से का एसएलआर और दो साधारण डिब्बे तेज आवाज के साथ पटरी से उतर गए। बताते हैं कि 90 किमी की रफ्तार होने से तेज झटका लगने पर दर्जनों यात्री अपनी सीटों से नीचे गिर गए। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इसमें राहुल सचान (12), नितिन गोस्वामी (23), मंजू लता (19), सावित्री शर्मा (23), राम आसरे विश्वकर्मा (46), घनश्याम (51), राम नारायन मिश्र (56) और पवन कुमार (24) व फूलबदन चौहान (29) सहित एक दर्जन यात्री बुरी तरह घायल हो गए। सुबह करीब 4:24 बजे आगे की 11 बोगियों में दुर्घटनाग्रस्त बोगियों के यात्रियों को बैठाकर ट्रेन रवाना कर दी गई।
रेलकर्मियों के मुताबिक निगोहा आउटर सिग्नल के पास गार्ड वाली बोगी (एनसी-09756) का एक्सल टूटने से यह घटना हुई। बोगी के पिछले हिस्से वाले दोनों पहिए टूटकर दूर जा गिरे और बोगी रगड़ खाती हुई पटरी से उतर गई। इसके रगड़ खाने से टेलीफोन बॉक्स सहित जो कुछ भी सामने आया उसे बोगी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब तीन सौ मीटर तक बोगी जमीन से रगड़ते हुए एक सिग्नल पोस्ट से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि सिग्नल पोस्ट 100 मीटर दूर जा गिरा। इस झटके के बाद यह बोगी दूसरी पटरी पर चढ़ गई। इसके आगे की दो अन्य बोगियां भी मेन लाइन से हटकर लूप लाइन पर आ गईं। इस बीच ट्रेन के गार्ड ने इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया तब जाकर ट्रेन रुकी। घटना की जानकारी पाकर लखनऊ डीआरएम जगदीप राय मातहतों के साथ मौके पर पहुंचे। शाम चार बजे रेल यातायात बहाल किया जा सका।
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हरिद्वार एक्सप्रेस की बोगियों में लगे सीवीसी कपलर से दर्जनों यात्रियों की जान बच गई। अफसरों के अनुसार सीवीसी कपलर के कारण ही आखिरी क्षणों में भी बोगी के पटरी से उतरने और जमीन पर रगड़ने के बावजूद वह शेष ट्रेन से अलग नहीं हो सकी। आखिरी व उसके आगे की दो और बोगियां भी मेन लाइन से हटकर लूप लाइन पर पहुंचने के बावजूद आपस में जुड़ी रहीं। इन बोगियों को कटर से काटकर ही अलग किया जा सका। यह डिब्बे अलग हो जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
दुर्घटना के कारण प्रयाग स्टेशन से रात में गई गाड़ी 14307 प्रयाग-बरेली एक्सप्रेस, 54377 प्रयाग-बरेली पैसेंजर और प्रतापगढ़ से छूटी 14208 पदमावत एक्सप्रेस को रायबरेली में ही रोक दिया गया। बाद में तीनों ट्रेनें यहीं से लौटा दी गईं। गाड़ी 12183 भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस को कानपुर-उन्नाव-डलमऊ-रायबरेली, 14512 सहारनपुर-इलाहाबाद नौचंदी एक्सप्रेस लखनऊ-सुल्तानपुर-प्रतापगढ़ के रास्ते चलाई गईं। गाड़ी 14210 लखनऊ-विन्ध्याचल इंटरसिटी एक्सप्रेस कानपुर के रास्ते इलाहाबाद पहुंची। गाड़ी 14215 गंगा-गोमती एक्सप्रेस को वाया कानपुर, 24369 शक्ति नगर-बरेली त्रिवेणी एक्सप्रेस को प्रतापगढ़-सुल्तानपुर के रास्ते गई। इसके साथ ही गाड़ी 54254/54253 लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर और प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया। लखनऊ-प्रतापगढ़ डीएमयू को रद कर दिया गया। ट्रेन 54255 वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर को रायबरेली में समाप्त कर दिया गया। ट्रेन नंबर 22408 वाराणसी-आनंद विहार गरीब रथ रायबरेली-कानपुर होकर चलाई गई। ट्रेन नंबर 12875 नीलांचल एक्सप्रेस भी लखनऊ न आकर रायबरेली-कानपुर होकर दिल्ली रवाना की गई।
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