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प्रकृति प्रदत्त अधिकार ही असली मानवाधिकार है

Sun, 01 Dec 2013 05:40 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। मानवाधिकार राज्य ने नहीं दिए यह तो प्रकृति प्रदत्त हैं, राज्य का दायित्व है कि प्रकृति की ओर से प्रदान किए गए अधिकारों का व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की सहायता से संरक्षण और संवर्द्घन करे। यह विचार शनिवार को आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली की ओर से प्रायोजित ‘मानव अधिकार-जागरूकता, चुनौतियां और समाधान:आज की आवश्यकता’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग के प्रो. एचके शर्मा ने रखे। उन्होंने कहा कि मनरेगा, सर्वशिक्षा, सूचना का अधिकार सभी मानव अधिकार के अंतर्गत आते हैं।
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कार्यशाला में शहर के एसएस खन्ना डिग्री कॉलेज, जगत तारन डिग्री कॉलेज, सीएमपी डिग्री कॉलेज, ईसीसी, इलाहाबाद विवि के शिक्षाशास्त्र एवं राजनीति शास्त्र विभाग के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। अतिथियों का स्वागत प्राचार्या डॉ. रीता पुरवार ने किया। समापन सत्र इविवि वूमेंस स्टडीज सेंटर की निदेशक प्रो. सुमिता परमार ने महिलाओं के मानवाधिकार विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकार से अधिक उम्मीद न करके स्वयं जागरूक होना होगा। धन्यवाद डॉ. संध्या श्रीवास्तव ने किया।
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