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गृहकर छूट में पेच ही पेच

Sun, 10 Nov 2013 05:39 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। शहरियों को इस वित्तीय वर्ष में पुराने मकानों पर टैक्स में छूट की उम्मीद काफी कम दिख रही है। नगर निगम गृहस्वामियों को टैक्स में दो तरह की छूट देने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि इससे उसे आर्थिक नुकसान होगा। नगर आयुक्त ने महापौर को पत्र लिखकर सामान्य टैक्स पर दी जा रही छह प्रतिशत छूट खत्म करने के लिए अनुमति मांगी लेकिन इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ। इस बीच 31 अक्तूबर को छह प्रतिशत छूट की सीमा खत्म होने के बाद अब निगम पूरा गृहकर वसूल रहा है। महापौर के शहर के बाहर होने के कारण अभी इस पर फैसला नहीं हो सका है। हालांकि कहा जा रहा है कि महापौर अभी कुछ और दिनों तक छह प्रतिशत छूट देने के पक्ष में हैं। ऐसे में पुराने मकानों को टैक्स में छूट देेने में पेच फंसना तय है।
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नगर निगम अधिनियम और सदन में हुए संकल्प के तहत 10 वर्ष पुराने भवनों को टैक्स में 25 प्रतिशत, 20 वर्ष तक पुराने भवनों को साढ़े 32 प्रतिशत और उससे अधिक पुराने भवनों को टैक्स में 40 प्रतिशत छूट दी जानी हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है। इन दिनों जोनल स्तर पर आवेदन पत्रों का निस्तारण तेजी से हो रहा है। पुराने मकानों को छूट का लाभ देने के लिए नगर आयुक्त ने छह प्रतिशत छूट खत्म करने का अनुरोध महापौर अभिलाषा गुप्ता से किया है। इसमें उन्होंने साफ किया है कि एक साथ दो तरह की छूट देने से निगम को आर्थिक नुकसान होगा, सो छह प्रतिशत छूट खत्म करने की अनुमति दें।
सूत्रों के मुताबिक महापौर ने नगर आयुक्त के पत्र पर असहमति जता दी है। इस बीच समय सीमा खत्म होने के बाद निगम ने छह प्रतिशत छूट भी खत्म कर दी है लेकिन इस पर अंतिम निर्णय अब तक नहीं हो सका है। नगर आयुक्त प्रदीप कुमार साफ कर चुके हैं कि बिना छह प्रतिशत छूट खत्म किए पुराने मकानों को टैक्स में छूट देना संभव नहीं है। ऐसे में अब महापौर के शहर में लौटने के बाद इस पर फैसला होने की उम्मीद है।
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