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सेवइंयों संग बांटी ईद की मिठास

Sun, 11 Aug 2013 05:34 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। माहे मुकद्दस रमजानुल मुबारक की 29 तारीख को चांद की तस्दीक के साथ शुक्रवार को शहर में ईद की खुशियां समेटी गईं। नूरुल्लाह रोड, पत्थर गली, रोशनबाग, वसीयाबाद, अतरसुइया, रानीमंडी, अटाला, दरियाबाद, खुल्दाबाद, करेली, मिन्हाजपुर, नखासकोहना, दायराशाह अजमल सहित तमाम मुस्लिम इलाकों में सेवइंयों संग ईद की मिठास बांटी गई। चांद रात को शुरू तैयारियां ईद की खास नमाज के साथ थमीं। रोशनबाग स्थित मस्जिद वसीउल्ला, जामा मस्जिद वसीयाबाद, मस्जिद शेख अब्दुल्ला, मस्जिद अबूबकर, मस्जिद गढ़ीकला, मस्जिद बरनतला, मस्जिद दोंदीपुर सहित शहर की तमाम मस्जिदों में ईद की खास नमाज अदा की गई। इसी तरह शिया जामा मस्जिद चक, बक्शी बाजार स्थित काजीजी की मस्जिद सहित कई मस्जिदों में भी ईद की खास नमाज अदा की गई।
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नमाज से पहले रवायत के मुताबिक लोगों ने फितरा भी निकाला गया। इबादतगाहों में नमाजियों के लिए वजू से लेकर हर तरह के इंतजाम किए गए थे। सिर पर टोपी और नए कपड़े पहनकर लोगों के ईद की खास नमाज पढ़ी। खुदा की बारगाह में सजदा के दौरान तमाम रोजेदारों ने रोजे अता करने के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। बाद में मुल्क की सलामती, अमन-चैन, बरकत, तरक्की, खुशहाली आदि के लिए दुआएं मांगी गईं। लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। वहीं चांद रात से ही फोन, मोबाइल, एसएमएस के जरिये शुरू हुआ मुबारकबाद देने का सिलसिला भी जारी रहा।
ईद पर बच्चों की मुरादें भी पूरी हुईं। रवायतन बड़ों ने छोटों को ईदी दी तो उनके चेहरे खिल उठे। ईदी में रुपयों से लेकर मोबाइल, टीवी, फ्रिज, बाइक जैसे उपहार भी दिए गए। बच्चों ने ईद पर मिली ईदी को टर के मेले के लिए सहेजकर रख लिया।
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बारिश के बावजूद कई मोहल्लों में लाउडस्पीकरों, साउंड बाक्स से नए पुराने गीत बजे जिस पर युवाओं की टोली जमकर थिरकी। गीतों पर थिरकते युवाओं को देखकर बड़े भी उनकी खुशियों में शामिल हुए।
ईद के मौकेपर किसिम-किसिम की सेवइंयों के अतिरिक्त कबाब, बिरयानी, मटर, दही बड़ा सहित कई तरह से पकवान तैयार किए गए। नमाज से घर लौटकर सभी ने सेवइंया चखीं। सेवइंया चखने और ईद की मुबारकबाद देने के लिए लोगों का एक दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
वैसे तो ईद की सेवइंया चखने और मुबारकबाद देने के लिए लोग एक दूसरे के घर आते-जाते रहे लेकिन गैर मुस्लिम दोस्तों का सबसे ज्यादा इंतजार रहा। पर्व के बहाने आपसी प्रेम और भाईचारगी का संदेश भी दिया गया।
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