ंइलाहाबाद/झूंसी। रसोई गैस की आपूर्ति रुकने से हड़कंप मचने के बाद पुलिस ने तीसरे दिन गैस लदे ट्रकों को छोड़ा। दोपहर बाद बॉटलिंग प्लांट से गैस सिलेंडर लदे ट्रक निकलने शुरू हुए तो गैस एजेंसियों के संचालकों ने राहत की सांस ली। साथ ही शाम को ही ग्राहकों को सिलेंडरों की डिलेवरी शुरू कर दी। हालांकि, दो शिफ्टों में चलने वाले प्लांट में पहली पॉली में एक भी सिलेंडर नहीं निकल सके थे।
कांवड़ यात्रा के कारण गैस सिलेंडर वाले ट्रकों की रोकथाम ग्राहकों के लिए भारी पड़ने लगी थी। शहर में भी दो दिन तक प्लांट से सिलेंडर न मिलने के कारण डिलेवरी थम गई। ‘अमर उजाला’ ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया तो पुलिस ने ट्रकों को थोड़ी राहत दी। दोपहर बाद प्लांट में सिलेंडर लादकर दो दिन से खड़े ट्रकों को एक-एक कर बाहर निकाला गया। इसके बाद परेड और सहसों में रोकी गई ट्रकों को प्लांट तक जाने की इजाजत दी गई। पुलिस से मिली इस छूट का असर गैस आपूर्ति पर भी पड़ा। अपराह्न तीन बजे से शहर में भी गैस पहुंचने लगी। साथ ही बाहरी जिलों के सिलेंडर भी भेजे गए। प्लांट के सूत्रों के मुताबिक सुबह छह से अपराह्न दो बजे की पहली शिफ्ट में सिलेंडरों की रिफलिंग नहीं हो सकी लेकिन दूसरी शिफ्ट में करीब 25 ट्रक सिलेंडर निकाले गए। गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि दो दिनों तक सिलेंडरों की आपूर्ति न होने के कारण बैकलॉग बढ़ गया है। छोटी एजेंसियों पर एक हजार और बड़ी एजेंसियों पर डेढ़ से दो हजार सिलेंडरों का बैकलॉग है। लगातार आपूर्ति जारी रहने पर अगले तीन-चार दिनों में गैस आपूर्ति पटरी पर आने की संभावना है।