इलाहाबाद। कुख्यात माफिया सरगना श्री प्रकाश से संबंध रखने वाले तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार के आठ मंत्रियों की जांच पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। इन मंत्रियों पर श्रीप्रकाश से संबंध रखने का आरोप है। श्रीप्रकाश की मौत के कुछ ही दिन बाद दाखिल की गई जनहित याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह और न्यायमूर्ति एके अग्रवाल की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता राकेश न्यायिक द्वारा दाखिल की गई है।
याचिका में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की सरकार में जेल मंत्री एसपी शुक्ला, पर्यावरण मंत्री बच्चा पाठक, श्रम मंत्री प्रभा द्विवेदी, पशुधन मंत्री अमरमणि त्रिपाठी, स्वास्थ्यमंत्री रमापति शास्त्री, मार्कण्डेय चंद्र लघु सिंचाई मंत्री और जयनारायण तिवारी पब्लिक इंटरप्राइजेज मंत्री के पेशेवर अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला से नजदीकी संबंध थे। 22 सिंतबर 1998 को एसटीएफ ने गाजियाबाद में श्रीप्रकाश को एनकाउंटर में मार दिया था। इसके बाद एसटीएफ द्वारा इस मामले को लेकर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। याचिका के मुताबिक रिपोर्ट में एसटीएफ ने श्र्रीप्रकाश के इन तमाम मंत्रियों से सांठगांठ कल्याण सिंह की हत्या कराने की साजिश का जिक्र है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को तलब कर एसटीएफ की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में मंगाई थी। अधिकारियों ने यह रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है। यह रिपोर्ट अदालत के पास सुरक्षित है। अदालत ने इस पर सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।