इलाहाबाद। मेडिकल कालेज में कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए खरीदी गई करोड़ों की मशीन पिछले छह सालों से बेकार पड़ी है। इसे खरीदने के बाद से आज तक उपयोग में नहीं लाया जा सका क्योंकि मशीन चलाने के लिए तकनीशियन की भर्ती आज तक नहीं की गई। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से जवाब मांगा है। अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह द्वारा दाखिल याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। न्यायालय ने पक्षकारों से संक्षिप्त हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
याची का कहना है कि कैंसर पीड़ितों को बेहतर उपचार सुविधा देने के लिए मेडिकल कालेज ने रेडियो थेरपी यूनिट स्थापित की है। करोड़ों रुपये की कोबाल्ट 60 मशीन खरीदी गई। पर इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मशीन पिछले छह वर्षों से बिना उपयोग के पड़ी है। सरकार ने इसे चलाने के लिए तकनीशियन की भर्ती नहीं की है। याचिका पर 25 अप्रैल को सुनवाई होगी।