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आईईआरटी में फिर छात्रों का उत्पात

Mon, 11 Mar 2013 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। आईईआरटी में शनिवार रात भड़का शोला चौबीस घंटे बाद भी ठंडा नहीं हुआ। पुलिस हॉस्टल में मुस्तैद थी तभी छात्रों ने रविवार सुबह संस्थान में घुसकर दुबारा तोड़फोड़ कर दी। हालांकि फौरन पुलिस के पहुंचने से ज्यादा नुकसान नहीं कर सके। बवाल में तीन मुकदमे लिखे गए हैं मगर पुलिस ने एक भी उपद्रवी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया। छह छात्र नामजद भी हैं मगर पुलिस का कहना है कि मामला सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस धरपकड़ की बजाय बवाल काटने वाले छात्रों को मना रही जबकि वे गालियां दे रहे हैं। इससे शिक्षकों में भारी नाराजगी भी है। उनका कहना है कि ऐसे में छात्र मनबढ़ होते जाएंगे।
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प्रयाग स्टेशन के निकट आईईआरटी और अयोध्या हॉस्टल में शनिवार रात हुए बवाल में अब पुलिस की लापरवाही और उदासीनता सामने आ रही है। छात्रों के आक्रामक रुख और हमले का शक जताते हुए पुलिस को कुछ दिन पहले लिखित जानकारी दी गई थी मगर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा भारी बवाल और नुकसान के रूप में सामने है। शनिवार दोपहर बाद डिप्लोमा इंजीनियरिंग का नतीजा घोषित आने पर बड़ी संख्या में फेल हुए छात्रों में गुस्सा भर गया। उन्होंने पहले संस्थान के मुख्य भवन में तबाही मचाई फिर टीचर्स कॉलोनी में घुसकर प्रवक्ता गिरीशचंद्र सिंह, संजीव प्रताप सिंह समेत कई शिक्षकों के घरों पर धावा बोल दिया। उनकी कारों, बाइक, स्कूटर को जला दिया। घर में आग लगा दी जिससे भारी क्षति पहुंची। पहले से बवाल की आशंका के बावजूद पुलिस ने कुछ नहीं किया था तो अब भी वही आलम है। उपद्रव के बाद पुलिस बल की तैनाती के बावजूद रविवार सुबह करीब दर्जन भर छात्रों ने दुबारा संस्थान में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। एनसीसी विंग के खिड़की-दरवाजे और कुछ सामान तोड़ दिए। पुलिसवालों ने आकर छात्रों को भगाया। रात में फिर तकरीबन छात्र-छात्राएं हॉस्पल परिसर में शिक्षक विनोद तिवारी के निवास के सामने एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। वे स्क्रूटनी की बजाय दुबारा रिजल्ट घोषित करने की मांग कर रहे थे। हंगामा की खबर पाकर पहुंचे सीओ कर्नलगंज ने छात्र-छात्राओं को शांत कर हटाया।
केस तो तीन लिखे, गिरफ्तारी एक नहीं
आईईआरटी के अदंर और हॉस्टल में बवाल के मामले में कर्नलगंज थाने की पुलिस ने तीन मुकदमे लिखे हैं। एक केस संस्थान के कार्यवाहक निदेशक नील रतन भाटिया की ओर से अज्ञात छात्रों केखिलाफ लिखा गया है। दूसरा मुकदमा मैकेनिकल के प्रवक्ता गिरीशचंद्र सिंह की अर्जी पर छात्रों संतोष गुप्ता, मनीष मिश्रा, ओमप्रकाश, अनिरुद्ध प्रताप सिंह, संजीत कुमार, विक्की यादव और 200 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 336, 352, 435, 436, 427, 504, 7 सीएलए एक्ट में दर्ज हुआ है। तीसरी रिपोर्ट लिखी गई है ट्रेनिंग प्लेसमेंट आफिसर एसपी सिंह की ओर से अयोध्या हॉस्टल के 70-80 अज्ञात छात्रों के खिलाफ। तीन मुकदमे दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश भी नहीं की है। एसपी सिटी का कहना है कि पुलिस महाकुंभ में स्नान पर्व महाशिवरात्रि में उलझी रही। अभी छात्रों को मनाया जा रहा है कि वे शांत रहें। पुलिस अफसर भले छात्रों को मनाने में जुटे हैं पर वे मनमानी कर रहे हैं। रविवार को सीओ और मजिस्ट्रेट हॉस्टल गेट पर खड़े होकर उग्र नारे लगा रहे छात्रों से बात करने गए तो वे अपने निदेशक और दूसरे शिक्षकों क गिरफ्तारी की मांग करने लगे जिन्होंने उन्हें फेल कर दिया। सीओ और मजिस्ट्रेट लौटने लगे तो उन्हें खूब खरी-खोटी भी सुनाई।
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बवाल हुआ तो अब नतीजे पर भी मंथन
आईईआरटी में फेल छात्रों के बवाल के बाद अब शनिवार को घोषित हुए नतीजे पर मंथन हो रहा है। रविवार को सीओ कर्नलगंज अजय कुमार और मजिस्ट्रेट ने हॉस्पिटल परिसर में बैठकर कार्यवाहक निदेशक नील रतन भाटिया और शिक्षकों से रिजल्ट पर बात की। फेल और पास छात्रों के प्रतिशत, पिछले साल के नतीजे पर चर्चा की गई। दरअसल, पुलिस पता करने का प्रयास कर रही है कि छात्रों का गुस्सा कितना जायज है।
छह माह का कोर्स पांच दिन में पूरा
जमकर तोड़फोड़ और आगजनी के बाद भी छात्रों का गुस्सा अभी कम नहीं हुआ है। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी के डर से वे भागे नहीं बल्कि अपने हॉस्टल परिसर में डटकर दिन भर पुलिस-प्रशासन और निदेशक-शिक्षकों के खिलाफ नारे लगाते रहे। रविवार साम सीओ और मजिस्ट्रेट बात करने गए तो छात्रों ने तल्ख लहजे में कहा कि सर, छह महीने का कोर्स परीक्षा से पहले केवल पांच दिन में पूरा कर दिया गया। उससे पहले पढ़ाया ही नहीं गया। जब कोर्स पढ़ाया नहीं तो फिर फेल क्यों कर दिया। यह तो सरासर नाइंसाफी है। हम शांत नहीं बैठ सकते। बवाल करते रहेंगे जब तक फेल छात्रों को पास नहीं कर दिया जाता है।
शिक्षकों ने दौड़ाया, छात्र हुआ घायल
आईईआरटी के छात्रों और शिक्षकों के बीच टकराव का माहौल सुधर नहीं रहा है। रविवार रात जुटे छात्र-छात्राओं ने बताया कि संस्थान में शिक्षक भी उनसे दुश्मनों जैसा बर्ताव कर रहे हैं। सुबह एक छात्र अरुण कुमार सिंह अपनी बाइक से संस्थान में खाने के लिए गया था तभी उसे लाठी-डंडे लेकर दौड़ा लिया गया। वह गेट से भिड़कर जख्मी हो गया।
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