नेट बैंकिंग के जरिए एक एकाउंट से हाइटेक बदमाशों ने दो लाख की रकम उड़ा दी। प्राइवेट नौकरी करने वाले रितेश गुप्ता के मोबाइल पर कॉल कर एकाउंट के बारे में जानकारी मांगने के बाद गिरोह ने एक हफ्ते के भीतर एकाउंट खाली कर दिया। एकाउंट के बारे में पूरी जानकारी बैंककर्मी बनकर मांगी गई थी।
एकाउंट कहीं है, नेट बैंकिंग का इस्तेमाल इलाहाबाद से हुआ जबकि रुपये दूसरे शहरों में निकाले गए। ऐसे में केस कहां हो इसे लेकर असमंजस है। मुकदमा दर्ज कर जांच कराने के लिए रितेश ने पुलिस अधिकारियों को तहरीर दी है।
शिवगढ़ के रहने वाले रितेश गुप्ता का आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। उनका एटीएम कार्ड गुम हो गया था। रितेश ने कई जगह कॉल कर एटीएम के बारे में जानकारी दी। इसी बीच गिरोह ने रितेश का नंबर पा लिया।
बैंककर्मी बन रितेश से पूरी जानकारी मांगने के बाद 19 से 27 फरवरी के बीच इंटरनेट बैंकिंग के जरिए रकम ट्रांसफर कर ली गई। रुपये गुड़गांव और बैंगलुरु के एकाउंट में ट्रांसफर हुए। रितेश ने बैंकवालों को पूरा मामला बताया तो कर्मचारियों ने यह कहकर लौटा दिया कि रकम खाताधारक के जरिए ही ट्रांसफर की गई है। शुक्रवार को रितेश ने पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर जांच कराने की मांग की।
एटीएम बूथों के आसपास मंडराते बदमाशों ने एक बार फिर महिला का एटीएम कार्ड बदलकर 37 हजार का चूना लगा दिया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के साहबपुर गांव निवासी मोतीलाल की बेटी अनिता गुरुवार को कर्नलगंज के ममफोर्डगंज इलाके में गई थी। वहां के एक एटीएम बूथ से अनिता ने कुछ रुपये निकाले।
इसी बीच बूथ में पहुंचे एक युवक ने बातचीत के दौरान एटीएम कार्ड बदल दिया। अनिता घर लौट गईं तो उस युवक ने एटीएम कार्ड से 37 हजार रुपये निकाल लिए। अनिता के मोबाइल पर एसएमएस आने लगे तो वह परेशान हुईं। बैंकवालों को सूचना दी गई। रात में अनिता परिवारवालों के साथ कर्नलगंज पहुंची और मामला दर्ज करा दिया।