महाकुंभ सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाकर अपनी पीठ थपथपा रही खाकी के लिए बाबा परिपूर्णानंद डरावने सपने सरीखे हो गए हैं। कुंभ मेले में अनशन के दौरान रहस्यमय हालत में लापता हुए स्वामी परिपूर्णांनंद का मामला पुलिस के गले की फांस बन गया है। पुलिस के साथ जांच में एसटीएफ भी जुट गई है।
बाबा के संपर्क, कॉल डिटेल और अन्य क्लू जुटाने के बाद पुलिस की दो टीमें गुजरात और मध्य प्रदेश के आश्रम, मठ, मंदिर पहुंची हैं। माना जा रहा है कि पुलिस को बाबा के बारे में कुछ अहम जानकारी भी मिली है। गुरुवार को टीमों ने महाकुंभ के शिविरों और मंदिरों के प्रभारियों से लंबी पूछताछ की। इसी मामले पर शुक्रवार को आईजी आलोक शर्मा ने पुलिस टीमों की बैठक बुलाई है।
शंकराचार्य स्वरूपानंद के प्रतिनिधि बाबा परिपूर्णांनंद को लापता हुए दो महीने होने जा रहे हैं। अनशन के दौरान भोर में लापता हुए बाबा का सामान शिविर में ही मिला। गुमशुदगी बाद पुलिस ने अपहरण दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन पड़ताल किसी सिरे नहीं लगी। महाकुंभ की भीड़ में मामला कुछ दिन दबा लेकिन अदालत ने संज्ञान लिया तो अफसरों को जवाब देना मुश्किल हो गया।
आईजी आलोक शर्मा ने मामले की जांच एसओ झूंसी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह को सौंपी है। एसपी क्राइम अरुण पाण्डेय मानीटरिंग कर रहे हैं। आईजी ने एसटीएफ को भी जांच में लगा दिया है। पुलिस और एटीएफ ने शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर प्रभारी स्वामी सहजानंद, मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी तुरियानंद से लंबी पूछताछ की।
ब्रदीनाथ धाम के प्रभारी, सहारनपुर मठ और आश्रम के प्रभारी समेत तमाम साधु-संतसे बाबा को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। लापता होने से पहले बाबा ने अपने मोबाइल से जितने लोगों से संपर्क किया था पुलिस सभी को खंगाल रही है। दो टीमों को मध्य प्रदेश और गुजरात की खाक छानने को भेजा गया है। इसके अलावा पुलिस ट्रेन, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर मिले बुजुर्गों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस और एसटीएफ के अलावा सभी एजेंसियां सक्रिय हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात के मठ, आश्रमों को लेकर कुछ जानकारी मिली है। बाबा वहां के संपर्क में थे, ऐसे में टीमें वहां पहुंची हैं। कॉल डिटेल में आए नंबरों के आधार पर कई साधु-संतों से पूछताछ हो रही है।
आलोक शर्मा, आईजी