रेल बजट को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और व्यापारिक संगठनों ने अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रियाएं दी हैं। व्यापारिक संगठनों ने बजट को व्यापारी विरोधी बताते हुए रेलमंत्री का पुतला फूंका। साथ ही बजट में माल ढुलाई में की गई वृद्धि को वापस लिए जाने की मांग दोहरायी है। ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। दूसरी ओर कांग्रेसियों ने रेल बजट को देश हित में करार देते हुए बेहद संतुलित बताया है।
व्यापारी एकता समिति पदाधिकारियों-सदस्यों ने रेल बजट को बेहद निराशाजनक बताते हुए महानगर प्रभारी पंकज साहू की अगुवाई में चौक चौराहे पर रेलमंत्री पवन बंसल का पुतला फूंका। समिति प्रदेश अध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि रेल बजट में किराए में वृद्धि का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा।
वक्ताओं ने मांग उठायी कि रेल बजट में किराए में वृद्धि संबंधी प्रस्ताव को तत्काल वापस लेना चाहिए। व्यापारी नेताओं ने ऐसा न होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी।
कांग्रेसियों की एक बैठक यूपीपीसीसी सदस्य मुकुंद तिवारी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें वक्ताओं ने रेल बजट को देशवासियों के हित में पेश किया गया बजट बताया। नए रेल बजट से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। रेल बजट में किराए में कोई वृद्धि न कर रेलमंत्री ने सराहनीय कदम उठाया है।
बैठक में हरदेव सिंह, तारिक सईद अज्जू, नरेंद्र प्रताप पटेल, रत्नेश शुक्ला समेत कई कांग्रेेसी उपस्थित थे। दूसरी ओर कांग्रेस अल्प संख्यक विभाग के राज्य संयोजक फुजैल हाशमी ने रेल बजट को आम आदमी का बजट बताया है।
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री डा नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने रेल बजट बेहद निराशाजनक करार दिया है।
बकौल डा. गौर बजट में आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली है। रेलमंत्री ने सीधे तौर पर किराए में कोई खास वृद्धि न करके अन्य तरीकों से आम आदमी की जेबें ढीली की है। बजट में कांग्रेस शासित राज्यों को बहुत कुछ दिया गया है जबकि भाजपा शासित राज्यों की उपेक्षा की गई है। बजट में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को और अधिक छूट देने का प्रावधान करना चाहिए था। माल ढुलाई में वृद्धि का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा।
आल इंडिया एससीएसटी रेलवे इम्प्लायज एसोसिएशन नार्दर्न सेंट्रल रेलवे ने रेल बजट की सराहना की है। संगठन अध्यक्ष जसराम हरनोटिया, गोविंद दास, बनवारी लाल, कोषाध्यक्ष रामशंकर ने रेल बजट को बेहद संतुलित बताते हुए रेलमंत्री की सराहना की है। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि यदि रेल सुविधाओं का विकास करना है तो यात्री किराए और माल ढुलाई में वृद्धि करना ही होगा। रेलमंत्री में मामूली वृद्धि करके अच्छा कदम उठाया है।