इलाहाबाद। फाफामऊ में सोमवार को सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत के मामले पर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। न्यायालय ने शहर की यातायात व्यवस्था पर डीएम और एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है, साथ ही दुघर्टना में घायल हुए लोगोें को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
दुर्घटना अप्रशिक्षित और कम उम्र चालक द्वारा टेंपो चलाए जाने के कारण हुई। यह मामला अधिवक्ता दयाशंकर मिश्र ने मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति संजय मिश्र की खंडपीठ के समक्ष उठाया। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह मामले में डीएम, एसएसपी, एसपी ट्रैफिक, मेडिकल कालेज के प्राचार्य, एसआरएन के सीएमएस को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। याची अधिवक्ता दयाशंकर मिश्र ने कहा कि इस प्रकार की दुघर्टनाएं प्रशासन की लापरवाही से हो रही हैं। पूरे शहर में टेंपो चालक ओवर लोडिंग कर रहे हैं। चालक कम उम्र के लोग हैं जिनको ड्राइविंग लाइसेंस नियमानुसार नहीं मिलना चाहिए। मगर आरटीआई विभाग तथा यातायात पुलिस की लापरवाही के चलते ऐसे मामले बढ़े हैं।
श्री मिश्र ने दुघर्टना में घायल हुए लोगों को उचित उपचार न मिल पाने की शिकायत भी की। इस पर अदालत ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य और सीएमएस को निर्देश दिया है कि घायल को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। मामले की जानकारी अगले सोमवार को देने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को फाफामऊ में एक बस और टेंपो की भिड़ंत हो जाने के कारण टेंपो में सवार सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में आठ सवारियां गंभीर रूप से घायल हैं।