इलाहाबाद। पुलिस कस्टडी से फरार हुआ कुख्यात सलीम अपने गांव में ही छिपा था। गुरुवार की रात एसओजी और मिर्जापुर पुलिस ने संयुक्त रूप से उसके गांव में घेरेबंदी कर छापा मारा तो वह नदी में कूदकर निकल भागा। रात में उसके बिहार भागने की सटीक सूचना पर एसओजी बिहार पहुंच गई। हालांकि वह पकड़ में नहीं आ सका। शुक्रवार की देर रात टीमें वापस लौट आईं। सलीम पर पुलिस ने 50 हजार रुपए इनाम की संस्तुति की है।
नैनी जेल में बंद अपराधी सलीम को सिपाही अरविंद द्विवेदी, संत कुमार और राजीव कुमार को बुधवार को पेशी पर मिर्जापुर ले गए थे। शाम को लौटते समय छिवकी स्टेशन के पास सलीम भाग निकला था। पीछा करने में सिपाही अरविंद ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को सलीम पर इलाहाबाद पुलिस ने दस हजार रुपए का इनाम घोषित कर शासन से इनामी राशि 50 हजार करने की संस्तुति की थी। रात में पुलिस को सूचना मिली कि सलीम अपने गांव में है। इलाहाबाद पुलिस की दो टीमें मिर्जापुर के बाबागंज इलाके में स्थित उसके गांव पहुंची। फोर्स ने गांव को चारों ओर से कवर करने के बाद उसके घर में दबिश दी। घर में पत्नी और बच्चे मिले लेकिन सलीम नहीं मिला। पता चला कि सलीम कुछ मिनट पहले ही नदी में कूदकर भाग निकला। पुलिस हाथ मलती रह गई। ग्रामीणों ने पूछताछ में सलीम की वहां मौजूदगी की बात कबूल की है। सटीक सूचना पर टीमें बिहार तक गईं लेकिन वह नहीं मिला।