इलाहाबाद। 28 वीं अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन के लिए दौड़ने वाले धावकों को इस बार गड्ढों और सीवर का पानी भरे रास्तोें से गुजर कर दौड़ पूरी करनी होगी। यदि संबंधित विभागों ने रविवार तक इन दिक्कतों को दूर न कर लिया तो धावकों के लिए यह दौड़ ‘बाधा दौड़’ साबित हो सकती है।
मैराथन शुरू होने के स्थान पर ही आनंद भवन के सामने मुख्य मार्ग पर एक बड़ा गड्ढा है। हजारों की संख्या में प्रतिभाग करने वाले धावकों के लिए यह गड्ढा मुसीबत साबित हो सकता है। इसी प्रकार से महेवा से अरैल घाट रूट पर भी रास्ते में सीवर का पानी भर जाता है। यह भी धावकों के लिए मुसीबत खड़ी करने वाला साबित होगा। इस बार मैराथन दौड़ मार्ग की अधिकतर सड़कें भले ही फोर लेन और चिकनी हो गई हैं फिर भी कई स्थानों पर इस प्रकार की दिक्कतें मौजूद हैं। उपक्र्र ीड़ा अधिकारी मोहम्मद रुस्तम खां का कहना है कि इन समस्याओं के बारे में लोक निर्माण विभाग और गंगा प्रदूषण इकाई के अफसरों को पत्र लिखा गया है, अभी तक उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं मिला, न ही समस्या दूर की गई। विभागों के पास अब मात्र एक दिन का समय ही बचा है। उल्लेखनीय है कि इंदिरा मैराथन दौड़ सोमवार को प्रात: प्रारंभ होगी। खेल एवं युवा मंत्री रामसरन आर्य झंडी दिखाकर मैराथन का उद्घाटन करेंगे।
बड़े धावकों ने ली इंट्री
इलाहाबाद। मैराथन में भाग लेने के लिए बड़े धावकों के आने का क्रम जारी है। इसमें राजकुमारी सरोज, नीतू सिंह, संगीता पटेल, गुडिया यादव, राधिका यादव और सेना के कई धावकों की प्रविष्टियां प्राप्त हो चुकी हैं। गत वर्ष के विजेता अरविंद की प्रविष्टि भी रविवार को प्राप्त हो जाने की उम्मीद है। शनिवार तक मैराथन के लिए 709, क्रास कंट्री के लिए 3036 प्रविष्ठियां प्राप्त हुई। इस प्रकार से अब तक कुल 3745 प्रविष्टियां प्राप्त हो चुकी हैं।