फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खील, बतासे, मोमबत्ती जुटाने में लगा जाम

Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
Allahabad
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। दीपावली पर बाजार में सजावट और खरीदारी की रौनक रही। मंगलवार को धनतेरस जैसा कारोबार तो नहीं हुआ लेकिन लक्ष्मी और गणेश की पूजन सामग्रियों की जबरदस्त बिक्री ने कई के पर्व को रौशन कर दिया। खास यह पर्व के दिन हुआ ज्यादातर कारोबार रोड पटरियों पर हुआ। फूल, माला, खील, बतासे, मोमबत्ती, मिट्टी के खिलौने की दुकानों से सिविल लाइंस पूरे दिन गुलजार रहा। कई बार जाम की स्थिति भी बनी। अनुमान है कि लाखों के कारोबार होंगे।
विज्ञापन

परंपरा के अनुसार दीप पर्व पर लक्ष्मी और गणेश की पूजा के लिए खील, बतासे, लइया, चिवड़ा, धान का लावा, कमल के फूल जरूरी माने जाते हैं। इनमें से ज्यादातर की बिक्री फुटपाथ की दुकानों पर ही है। कुछ बड़े शोरूम में इनके पैकेज जरूर दिखे, लेकिन ग्राहकों की भीड़ फुटपाथ पर ही रही। सिविल लाइंस में लावा 100 रुपए, चूड़ा 80, लइया 60-80 रुपए, गट्टा और बतासा 80 रुपए प्रति किग्रा के रेट से बिके। चौक, कटरा, अल्लापुर, सुलेमसराय, करेली, कीडगंज, दारागंज, तेलियरगंज, राजापुर, मम्फोर्डगंज में इनकी कीमतों में भिन्नता रही। सिविल लाइंस में फुटपाथ पर बैठे राजाराम जैसे ज्यादातर दुकानदारों के चेहरे बिक्री देख चमकते मिले। मोमबत्ती की भी खूब बिक्री रही। पानी पर तैरने वाली मोमबत्ती लोगों में पसंद की गई।
0 फूलमाला की दुकानों ने लगाए चार चांद
सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा से लेकर सुभाष चौराहे तक सड़क की दोनों पटरियों पर आर्टीफिशियल फूल और मालाओं की दुकानों ने बाजार को चमका दिया है। इसमें प्लास्टिक, फाइबर और कपड़े से बनी मालाएं खूब बिकीं। 25 रुपए से लेकर 150 रुपए के जोड़े में मिल रही माला को खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। दरवाजों पर सजावटी झालर भी लोगों ने पसंद की।
विज्ञापन

0 कम पड़ गए कमल के फूल
बाजार में फूलों की मांग भी खूब रही। इसमें गुलाब, गेंदा के साथ ही कमल के फूल खूब बिके। सुबह पांच रुपए प्रति पीस बिके फूल शाम को 10 रुपए पीस हो गए। शाम सात बजे तक ज्यादातर स्थानों पर कमल के फूल कम पड़ गए।
0 खूब जंचा बांस का घरौंदा
सिविल लाइंस में नैनी के अबसार की कारीगरी की भी खूब तारीफ हुई। अबसार ने बांस के पतले तारों की मदद से घरौंदा बनाया। मुख्य सड़क के किनारे रखे इस घरौंदे को देख हर किसी के कदम ठिठक गए। इसकी कीमत 1100 रुपए तय थी। इसके साथ ही मूंज के बने बास्केट, डस्टविन, डलिया आदि के काम की तारीफ हुई। सिविल लाइंस में त्योहार पर पहली बार दुकान और बिक्री से अबसार भी प्रसन्न नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें