प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 918 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। उच्च शिक्षा निदेशालय में मंगलवार को हुई बैठक में पदों के निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। निदेशालय जल्द ही उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) को इन पदों का अधियाचन भेज देगा, जिसके बाद आयोग असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी करेगा।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों से अशासकीय महाविद्यालयों में रिक्त पदों का ब्योरा मांगा था। निदेशालय को तकरीबन दो हजार रिक्त पदों का ब्योरा था, लेकिन इसी बीच शासन ने जनशक्ति निर्धारण के तहत आदेश जारी कर दिया कि महाविद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात को ध्यान में रखते हुए पदों का निर्धारण किया जाए। इसके बाद महाविद्यालयों में रिक्त पदों का ब्योरा नए सिरे से मांगा गया। ऐसे में पहले के मुकाबले अब पदों की संख्या कम हो गई है।
निदेशालय को जो ब्योरा मिला है, उसके अनुसार अशासकीय महाविद्यालयों में 34 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 918 पद रिक्त हैं। मंगलवार को पदों के निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निदेशालय अब उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को रिक्त पदों का अधिचायन भेजने जा रहा है। आयोग में वर्तमान में विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 2001 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, जो जुलाई में पूरी हो जाएगी। इसके बाद आयोग असिस्टेंट प्रोफेसर के 918 नए पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर सकता है।
कोर्ट के आदेश पर एसटी अभ्यर्थी को इंटरव्यू में मौका
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश पर अनुसूचित जनजाति (एसटी वर्ग) के अभ्यर्थी सुजीत कुमार को विज्ञापन संख्या-50 के तहत अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल के साक्षात्कार में शामिल होने का मौका दिया है। आयोग की मंगलवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। सुजीत कुमार के अंक साक्षात्कार के लिए चयनित अनारक्षित वर्ग अभ्यर्थियों के समान होने के कारण उन्हें अनारक्षित वर्ग में साक्षात्कार के लिए शामिल करने का निर्णय लिया गया है। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार साक्षात्कार तिथि की सूचना अभ्यर्थी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से और ईमेल से दी जाएगी।