प्रधानाध्यापक भर्ती का परिणाम जारी करने पर जानकारी तलब
पांच साल से इंटर कॉलजों में नहीं हो पाई है प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति
प्रयागराज। सूबे के वित्तीय सहायता प्राप्त इंटरमीडिएट कॉलेजों और हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है। कोर्ट ने आठ जनवरी को ही प्रदेश सरकार और चयन बोर्ड को नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। इस मामले को लेकर मेघराज सिंह और अन्य ने अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने प्रधानाध्यापकों के 904 पदों पर नियुक्ति के लिए 2014 में विज्ञापन जारी किया था। चयन परिणाम घोषित होने के बाद कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। कहा गया कि चयन बोर्ड के सदस्य प्रधानाध्यापक पद का साक्षात्कार लेने की योग्यता नहीं रखते हैं। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत इस पर रोक लगा दी।
एक अन्य याचिका पर हाईकोर्ट ने आयोग के दो सदस्यों आशा लता और ललित श्रीवास्तव को पद के योग्य नहीं पाया। दोनों सदस्यों की याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में नियुक्तियों को लेकर कुछ नहीं कहा। इस पर पुन: हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चयन परिणाम घोषित करने की मांग की गई। हाईकोर्ट की एकल पीठ और बाद में खंडपीठ ने भी चयन परिणाम घोषित करने का आदेश दिया। मगर अब तक चयन बोर्ड ने परिणाम घोषित नहीं किया है। अवमानना याचिका पर कोर्ट ने 16 मई तक चयन बोर्ड और सरकार से जानकारी मांगी है।