विद्युत लोकपाल की नियुक्ति को चुनौती
0 हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और लोकपाल विनय कुमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रदेश के विद्युत लोकपाल विनय कुमार सिंह की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस संबंध में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने लोकपाल और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। नैनी, प्रयागराज के दिनेश कुमार शुक्ल की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ सुनवाई कर रही है।
याचिका में लोकपाल की योग्यता पर सवाल उठाए गए हैं और विद्युत लोकपाल (सेवा शर्तें) परिनियमावली 2007 के खंड 3.2(1) और (3) को रद्द करने की मांग की गई है। याची का कहना है कि उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में अपर जिला जज स्तर के अधिकारी की नियुक्ति होती है। इनके आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई का अधिकार लोकपाल को है। लोकपाल के पद पर नियुक्ति के लिए इंजीनियर के साथ विधि स्नातक होना भी अनिवार्य है। विनय कुमार सिंह के पास विधि स्नातक की डिग्री नहीं है इसलिए वह इस पद के लिए अयोग्य हैं। याचिका में लोकपाल को पद से हटाने का आदेश जारी करने की मांग की गई है।
याची का बिजली के बिल को लेकर विवाद चल रहा है। विद्युत उपभोक्ता फोरम ने अधिवक्ता अरुण कुमार मिश्र की रिपोर्ट पर याची का फाइनल बिल बनाने का आदेश दिया है। इस आदेश का अधिशासी अभियंता नैनी ने पालन नहीं किया तो लोकपाल के समक्ष अर्जी दी गई। मामले की बहस के दौरान लोकपाल ने अधिवक्ता सुदीप कुमार मिश्र और अरुण कुमार मिश्र पर कोर्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए बहस करने पर प्रतिबंध लगा दिया। इस आदेश को भी चुनौती दी गई है। याचिका पर जुलाई में अगली सुनवाई होगी।