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मानदेय शिक्षकों का विनियतीकरण स् थगित

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मानदेय शिक्षकों का विनियमितीकरण स्थगित
0 मामला कोर्ट में जाने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने लिया निर्णय
0 विनियमितीकरण के लिए तैयार कर ली गई थी पात्र शिक्षकों की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में मानदेय पर तैनात शिक्षकों को असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर विनियमित किए जाने की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से विनियमितीकरण की प्रक्रिया को अग्रिम आदेशों तक स्थगित किया गया है।
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में तैनात तकरीबन सात सौ मानदेय शिक्षकों को विनियमित किया जाना है। विनियमितीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन होनी थी। इसके लिए 19 दिसंबर को उच्च शिक्षा निदेशक प्रीति गौतम की ओर से दिशा-निर्देश भी जारी किए गए, जिसमें कहा गया था कि विनियतीकरण के लिए पात्र शिक्षकों की तीनों सूची 20 दिसंबर को उच्च शिक्षा निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।
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शिक्षक ऑनलाइन विषय एवं वरीयता के अनुसार अन्य महाविद्यालयों के विकल्प भरेंगे। इसके लिए शिक्षकों को 24 दिसंबर तक का वक्त दिया गया था। सूची से संबंधित मानदेय शिक्षकों की आपत्तियों के निस्तारण के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया था, जिस पर 24 दिसंबर को शाम छह बजे तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया था लेकिन, उच्च शिक्षा निदेशालय ने अब विनियमितीकरण की प्रक्रिया को ही स्थगित कर दिया है।
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कुछ शिक्षक मांग कर रहे थे कि जहां पर उनकी तैनाती है और जो पद विज्ञापित हैं, वहीं उन्हें विनियमित कर दिया जाए। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. प्रीति गौतम के अनुसार डॉ. गीतिका नागर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य एवं अन्य संबद्ध याचिकाओं में उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेश के अनुपालन में शिक्षकों के विनियमितीकरण की प्रक्रिया अग्रिम आदेशों तक स्थगित की गई है। हाईकोर्ट का जो भी आदेश होगा, उसी के अनुपालन में विनियमितीकरण होगा।
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