बहू की हत्या की दोषी पाई गई बुजुर्ग सास और देवर ने आजीवन कारावास के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने उसकी अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत से रिकार्ड तलब कर लिया है। राज्य सरकार के वकील को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया की खंडपीठ ने अपीलार्थी सास अकीला बेगम और देवर संजू की ओर से आजीवन कारावास के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामला कन्नौज जिला का है। रेशमा बेगम का निकाह 2009 में बालापीर थानाक्षेत्र के सीबू के साथ हुआ था। इसके बाद सीबू ने हाजीपुर निवासिनी सुरैया से दूसरा निकाह किया। एक अक्तूबर 2019 को रेशमा के भाई मोहतसीन उर्फ गुड्डू ने थाना कन्नौज में बहन रेशमा के पति सीबू, सास अकीला बेगम, देवर दानिश, संजू, ननद जेबा और सीबू की दूसरी पत्नी सुरैया के खिलाफ दहेज में दो लाख रुपये नकद और चार पहिया वाहन की मांग को लेकर उत्पीड़न करने और मांग पूरी न होने पर मिट्टी के तेल से जलाकर मार डालने का आरोप लगाया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान देवर दानिश, ननद जेबा और सीबू की दूसरी पत्नी सुरैया की नामजदगी गलत पाई जबकि पति, सास और देवर संजू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया।