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आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची 80 साल की वृद्धा, ये है पूरा मामला

Mon, 03 Jul 2023 01:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कन्नौज के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत में पति, सास और देवर संजू के खिलाफ विचारण चला। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष के कई गवाह पक्ष द्रोही हो गए जबकि मृतका रेशमा ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में कहा था कि देवर संजू और सास अकीला ने मिट्टी का तेल डालकर सुबह लगभग सात बजे जला दिया।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बहू की हत्या की दोषी पाई गई बुजुर्ग सास और देवर ने आजीवन कारावास के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने उसकी अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत से रिकार्ड तलब कर लिया है। राज्य सरकार के वकील को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया की खंडपीठ ने अपीलार्थी सास अकीला बेगम और देवर संजू की ओर से आजीवन कारावास के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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मामला कन्नौज जिला का है। रेशमा बेगम का निकाह 2009 में बालापीर थानाक्षेत्र के सीबू के साथ हुआ था। इसके बाद सीबू ने हाजीपुर निवासिनी सुरैया से दूसरा निकाह किया। एक अक्तूबर 2019 को रेशमा के भाई मोहतसीन उर्फ गुड्डू ने थाना कन्नौज में बहन रेशमा के पति सीबू, सास अकीला बेगम, देवर दानिश, संजू, ननद जेबा और सीबू की दूसरी पत्नी सुरैया के खिलाफ दहेज में दो लाख रुपये नकद और चार पहिया वाहन की मांग को लेकर उत्पीड़न करने और मांग पूरी न होने पर मिट्टी के तेल से जलाकर मार डालने का आरोप लगाया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान देवर दानिश, ननद जेबा और सीबू की दूसरी पत्नी सुरैया की नामजदगी गलत पाई जबकि पति, सास और देवर संजू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

कन्नौज के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत में पति, सास और देवर संजू के खिलाफ विचारण चला। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष के कई गवाह पक्ष द्रोही हो गए जबकि मृतका रेशमा ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में कहा था कि देवर संजू और सास अकीला ने मिट्टी का तेल डालकर सुबह लगभग सात बजे जला दिया। पति ने दूसरी शादी की इसलिए उसे प्रताड़ित किया जा रहा था, लेकिन घटना के समय पति घर के बाहर मौजूद था।
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निचली अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर सास अकीला बेगम और देवर संजू को दहेज उत्पीड़न से दोषमुक्त कर दिया, जबकि दोनों को हत्या का दोषी करार दिया। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विश्वम्भर प्रसाद ने 80 वर्षीया सास अकीला बेगम और देवर संजू को हत्या के अपराध के लिए आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में पति सीबू को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दिया गया।

हत्या के मामले में जेल में उम्रकैद की सजा काट रही सास अकीला बेगम और देवर संजू ने आजीवन कारावास के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। अपीलार्थी के अधिवक्ता मनोज कुमार श्रीवास्तव को सुन कर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सास और देवर की अपील स्वीकार कर ली। खंडपीठ ने विचारण न्यायालय से रिकार्ड तलब करते हुए राज्य सरकार के वकील को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
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