अध्यापकों को बीएलओ ड्यूटी में लगाने पर जवाब तलब
0 हाईकोर्ट ने पूछा, रोक के बावजूद क्यों लिया जा रहा है गैर शैक्षणिक कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। कोर्ट की रोक के बावजूद अध्यापकों से बीएलओ और दूसरे गैर शैक्षणिक कार्य लेने पर हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा परिषद से जवाब मांगा है। कोर्ट ने हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि याची अध्यापकों की बीएलओ में ड्यूटी किस कारण से लगाई गई।
हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक संघ बांदा की याचिका पर शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेने पर रोक लगाई है। इसके बावजूद इस आदेश का पालन न कर अधिकारी शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ जैसे गैर शैक्षणिक कामों में लगा रहे हैं। इसके खिलाफ मनोज कुमार और तीन अन्य अध्यापकों ने याचिका दाखिल की है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। क्या यह अदालत की अवमानना नहीं है। सरकार से आदेश के अनुपालन में उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण का कहना है कि उनकी ड्यूटी मतदाता सूची तैयार करने के काम में लगाई गई है जबकि सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट ने शिक्षकों से बीएलओ का काम लेने पर रोक लगाई है। सरकार अदालत के आदेशों का उल्लंघन कर रही है। मामले की सुनवाई 11 जुलाई को होगी।