आज और कल बसों के लिए भटकेंगे मुसाफिर
0 सीएम के कार्यक्रम में लाभार्थियों को लाने के लिए लगेेंगी 250 बसें
0 छह सितंबर को है कार्यक्रम, आज जिला प्रशासन को रोडवेज सौंप देगा बसें
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। रोडवेज की बसों में आज और कल सफर न करें तो बेहतर है। ऐसा इसलिए क्योंकि परेड ग्राउंड में किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र बांटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छह सितंबर को इलाहाबाद पहुंच रहे हैं। इस कार्यक्रम में लाभार्थियों को लाने के लिए जिला प्रशासन ने रोडवेज से 250 बसें मांगी है। रोडवेज द्वारा मंगलवार की शाम तक हर हाल में जिला प्रशासन को बसें सौंप दी जाएंगी। ऐसे में पांच और छह सितंबर के दिन यात्रियों के समक्ष बसों का टोटा पड़ना तय है।
परेड ग्राउंड में छह सितंबर की सुबह जिले भर से 11 हजार किसानों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इन सभी को ऋण मोचन प्रमाण पत्र दिया जाना है। जिले के विभिन्न स्थानों से किसानों को लाने के लिए रोडवेज की बसें लगाई जाएंगी। जिला प्रशासन की ओर से 250 बसें रोडवेज की मांगी गई है। ये बसें लाभार्थियों को लेकर सुबह परेड ग्राउंड लेकर आएंगी और कार्यक्रम खत्म होने के बाद संबंधित लाभार्थियों को उनके गंतव्य तक बसें छोड़ने भी जाएंगी। रोडवेज के इलाहाबाद परिक्षेत्र के जीरोरोड, सिविल लाइंस, प्रयाग, लीडर रोड, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, बादशाहपुर और लालगंज डिपो की बात करें तो यहां कुल बसों की संख्या 504 है। बेड़े में अनुबंधित बसों की संख्या 106 है। ऐसे में 250 बसें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगा देने से रोडवेज यात्रियों को पांच एवं छह सितंबर के दिन बसों के लिए भटकना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि संबंधित बसें छह सितंबर की शाम को ही वापस लौट सकेंगी।
47.50 लाख रुपये का रोडवेज को होगा भुगतान
0 मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी रोडवेज की बसों का किराया सरकार खुद वहन करेगी। रोडवेज अपनी हर एक बस का सरकार से 19 हजार रुपये किराया वसूलेगा। कार्यक्रम में कुल 250 बसें लगेंगी। ऐसे में शासन को 47.50 लाख रुपये का किराया रोडवेज को चुकाना होगा। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार को बसें जिला प्रशासन को सुपुर्द कर दी जाएंगी।