फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एससीएसटी एट की धारा 14 को चुनौती

विज्ञापन
विज्ञापन
सभी केंद्र
विज्ञापन

00000000000000000

एससीएसटी एक्ट की धारा 14 को चुनौती
0 तीन जजों की पूर्णपीठ कर रही है सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 14 की वैधानिकता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर सुनवाई के लिए मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ गठित की गई है। पूर्णपीठ के समक्ष प्रश्न है कि क्या एससीएसटी एक्ट की धारा 14 के तहत अधीनस्थ न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील का प्रावधान होने के बावजूद हाईकोर्ट में सीधे रिट दाखिल की जा सकती है।
सामान्य स्थितियों में आपराधिक मामलों में अनुच्छेद 226,227 और 482 सीआरपीसी के तहत याचिका दाखिल करने का प्रावधान है। जिसके तहत हाईकोर्ट अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग करता है। याचिका में कहा गया है कि जब एससीएसटी एक्ट में अपील का प्रावधान है तो फिर इन शक्तियों का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। धारा 14 के तहत विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित अंतिम आदेश के विरुद्ध अपील दाखिल करने का प्रावधान है। इसके अलावा जमानत अर्जी पर पारित अंतरिम आदेश के विरुद्ध भी हाईकोर्ट में अपील दाखिल की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में कहा गया है कि जब अपील का प्रावधान है तो फिर अलग से याचिका या पुनरीक्षण की शक्तियों का हाईकोर्ट प्रयोग नहीं कर सकता है। दूसरा प्रश्न यह भी है कि हाईकोर्ट की रिट अधिकारिता और पुनरीक्षण की शक्तियां संवैधानिक अधिकार हैं। क्या विशेष कानून संवैधानिक अधिकार पर प्रभावी होेंगे। मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें