एडिशनल कमिश्नर को महंगा पड़ा अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार
0 वाणिज्य कर कमिश्नर ने एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन को हटाया, ग्रेड-टू को दिया चार्ज
0 अधिवक्ताओं ने स्थगित किया कार्य बहिष्कार, शासन के निर्णय पर खुशी जताई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बकाया टैक्स वसूली के नाम पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई और अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन को महंगा पड़ा गया। व्यापारियों और अधिवक्ताओं की शिकायत के बाद शासन ने उन्हें शुक्रवार को हटा दिया। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-टू को चार्ज सौंप दिया गया है। अधिवक्ताओं और व्यापारियों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत किया।
व्यापारिक समस्याओं को लेकर अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधि बुधवार को एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन आरके कुरील से मिलने गए थे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कुरील पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए वार्ता का बहिष्कार कर दिया था। नाराज अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को बैठक कर शुक्रवार और शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया था। अधिवक्ताओं ने शासन को भी इस मामले अवगत करा दिया था। इसके पहले 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा के नेतृत्व में व्यापारियों ने लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर एडिशनल कमिश्नर पर कार्रवाई के नाम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
सरकार ने मामले को गंभीरता लिया और शुक्रवार वाणिज्य कर कमिश्नर कामिनी चौहान रतन ने कुरील को हटाकर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-टू राम प्रसाद को चार्ज सौंप दिया। उधर, शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर रहे अधिवक्ताओं को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने बैठक की। इसमें आंदोलन स्थगित करने का निर्णय हुआ। अधिवक्ताओं ने कार्यालय में मिठाई बांटकर एक दूसरे को बधाई दी। इसमें सतीश चंद्र जायसवाल, रमाशंकर केसरी, केके गुप्ता, जय प्रकाश वर्मा, विपिन कुमार सिंह, विनय मिश्रा, एनके अरोरा, राम नारायण, विक्रमजीत सिंह भदौरिया आदि शामिल थे।
00
प्रतियोगियों ने भाजपा के विरोध में किया जनसंपर्क
इलाहाबाद। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने शुक्रवार को एलनगंज और छोटा बघाड़ा में भाजपा के विरोध में जनसंपर्क किया। इस दौरान प्रतियोगियों ने फूलपुर संसदीय सीट पर उप चुनाव के पहले चयन बोर्ड के गठन की मांग की। इसमें शेर सिंह, अनिल कुमार पाल, भोला वर्मा, चंद्रशेखर, अरुण सिंह, अनुराग वर्मा, शशि यादव, रोहित सिंह, अंशुल, सुमंत मणि आदि मौजूद थे।