प्रयागराज में अतीक अहमद समेत अन्य माफिया की ढेरों संपत्तियांं, जाे अपराध से अर्जित की गईं, गैंगस्टर एक्ट में कुर्क की गईं। हालांकि, इनमें से बहुत सी ऐसी संपत्तियां हैं, जिनकी स्थित खसरा-खतौनी में अद्यतन नहीं की गई। इसका नुकसान यह हुआ कि माफिया या उनके गुर्गों अथवा भूमाफिया ने कुर्क होने के बाद भी इन संपत्तियों पर नजरें गड़ा दीं।
माफिया की गैंगस्टर में कुर्क 60 संपत्तियों को खसरा-खतौनी में दर्ज करने के लिए पुलिस की ओर से रिपोर्ट राजस्व को भेजी गई है। इसमें कहा गया है कि अपराध से अर्जित इन संपत्तियों की स्थिति खसरा-खतौनी में अद्यतन न होने का फायदा भूमाफिया उठा रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए तत्काल इनकी मौजूदा स्थित खसरा-खतौनी में दर्ज की जाए।
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प्रयागराज में अतीक अहमद समेत अन्य माफिया की ढेरों संपत्तियांं, जाे अपराध से अर्जित की गईं, गैंगस्टर एक्ट में कुर्क की गईं। हालांकि, इनमें से बहुत सी ऐसी संपत्तियां हैं, जिनकी स्थित खसरा-खतौनी में अद्यतन नहीं की गई। इसका नुकसान यह हुआ कि माफिया या उनके गुर्गों अथवा भूमाफिया ने कुर्क होने के बाद भी इन संपत्तियों पर नजरें गड़ा दीं। इनमें से कुछ पर अवैध कब्जे भी कर लिए गए, जिनके बारे में जानकारी पर पुलिस की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई। इसी को देखते हुए पुलिस की ओर से ऐसी 60 संपत्तियों को चिह्नित किया गया। साथ ही अब इनकी स्थित को अभिलेखों में अद्यतन करने के लिए राजस्व विभाग को रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
आला अफसरों का कहना है कि खसरा-खतौनी में स्थित अद्यतन होने पर माफिया या उनके गुर्गे कुर्की की कार्रवाई की बात छिपाकर इन संपत्तियों को बेच नहीं सकेंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन संपत्तियों को चिह्नित करते हुए इसका भी ख्याल रखा जाए कि यदि इन्हें कोई बेचने की कोशिश करता है तो इस पर रोक लगाई जाए और सूचना पुलिस को भी दी जाए।