माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ की काली कमाई खपाने में उसकी पत्नी के मायके वालों की बेहद अहम भूमिका रही। उसके साले अब्दुल समद उर्फ सद्दाम ने अपने गुर्गों के नाम पर जमीन के साथ-साथ लग्जरी गाड़ियां भी खरीदीं। इन्हीं में से सिविल लाइंस में रहने वाला प्लाॅटिंग करने वाला उसका करीबी भी था। सद्दाम ने 35 लाख की फॉर्च्यूनर उसके नाम खरीदी जबकि वह हर महीने 32 हजार खुद इसकी किस्त भरता था।
प्लाॅटिंग करने वाले इस शख्स ने बृहस्पतिवार को पुलिस अफसरों के सामने पहुंचकर हलफनामा दिया। बताया कि सद्दाम ने जबरन डरा धमका कर उसके नाम पर फॉर्च्यूनर गाड़ी फाइनेंस कराई थी। लेकिन इसका इस्तेमाल वह खुद और उसके घरवाले करते थे। उसे कभी यह गाड़ी नहीं दी गई। इस शख्स ने अपना नाम तफवीज अहमद निवासी महक अपार्टमेंट सिविल लाइंस बताया। यह भी बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। सद्दाम ने एक फॉर्च्यूनर गाड़ी उसके नाम पर फाइनेंस कराई थी लेकिन यह गाड़ी कभी उसे नहीं दी।
पुलिस को दिए हलफनामे में उसने बताया कि जब यह फॉर्च्यूनर खरीदी गई तो सद्दाम ने उसे ढाई लाख रुपए नगद जबकि उसके भाई सैफी ने तीन बार अलग-अलग चेक से उसके खाते में सात लाख रुपये डाले थे। गाड़ी लोन पर ली गई थी जिसकी हर महीने 32000 किस्त सद्दाम खुद ही जमा करता रहा। पुलिस अफसरों ने बताया कि इस गाड़ी को अपराध से अर्जित संपत्ति के तौर पर चिह्नित करते हुए इसे गैंगस्टर एक्ट में कुर्क करने के लिए बरेली पुलिस को रिपोर्ट पूर्व में ही प्रेषित की जा चुकी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हलफनामा देने वाले तफवीज अहमद से सद्दाम का क्या संबंध था।