जिले भर की तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। मेजा तहसील में एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय और एसडीएम अजीत प्रताप सिंह से शिकायत करते हुए छतवा गांव के बाबा दीन निषाद ने बताया कि चार वर्ष में 54 बार शिकायत की, लेकिन हकबंदी के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। कई बार की गई पथरगड़ी को ही आरोपियों ने उखाड़ दिया।
बाबा दीन का कहना है कि गांव के माताअंबर, जगदीश प्रसाद, मुकेश कुमार और दिनेश कुमार हकबंदी की प्रक्रिया को नहीं मान रहे हैं। मांडा के उमान गांव के संजय कुमार ने बताया कि पांच वर्ष से चकमार्ग संख्या 215 पर लोगों का कब्जा है। कई बार अतिक्रमण हटाया भी गया लेकिन फिर अतिक्रमण कर लिया गया। ऐसे में एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इस दौरान कुल 308 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। निस्तारण एक का भी नहीं हो सका। मौके पर नायब तहसीलदार मांडा यमुना प्रसाद आदि रहे।
कोरांव में शिकायतकर्ता अपनी बात डीएम मनीष वर्मा तक पहुंचाने लिए धक्का-मुक्की करते रहे, लेकिन भीड़ के कारण उन्हें बाहर होना पड़ता था। बढ़ती भीड़ देख डीएम एसडीएम चैंबर में चले गए। वापस आने पर उन्होंने सभी शिकायती पत्रों को जमा करने का आदेश दिया। तहसील में इस बार 642 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से सर्वाधिक 235 शिकायतें राजस्व विभाग की रहीं। मौके पर पांच शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया।
डीएम जब सभागार से निकलने लगे तो खीरी निवासी दिव्यांग द्वारिका प्रसाद ने उनका पैर पकड़ लिया और आवास की मांग को लेकर गिड़़गिड़ाने लगा। उनकी बात सुनने के बाद डीएम ने परियोजना निदेशक भूपेंद्र सिंह को बुलाकर आवास आवंटित करने का आदेश दिया।
इस दौरान अनुपस्थित रहने पर जिला उद्यान अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य को एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
बाहर निकलकर उन्होंने बाहर लगे आईसीडीएस और बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर पहुंचकर एक बच्चे को अन्नप्राशन कराया और उसका निरीक्षण किया।
इस मौके पर पुलिस उपायुक्त विवेक चन्द्र यादव, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता साधना सिंह, डीडीओ जीपी कुशवाहा, डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी, भूपेन्द्र कुमार सिंह, एसडीएम ठाकुर प्रसाद आदि रहे। सोरांव में अपर जिलाधिकारी विनीता सिंह ने शिकायतें सुनीं। राजस्व विभाग से 527, पुलिस विभाग से 60, विकास विभाग से 18 और अन्य विभागों से 44 सहित कुल 527 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। राजस्व विभाग से जुड़े 5 शिकायती पत्रों का निस्तारण कर दिया गया।
प्रदूषित पानी की बोतल लेकर पहुंचा शिकायतकर्ता
नवागंतुक एसडीएम संदीप तिवारी ने समस्याएं सुनीं। राजस्व, पुलिस, विकास, बिजली, जल निगम सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी 256 शिकायतें दर्ज की गईं। मौके पर एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। ककरम गांव के सुधीर कुमार मिश्रा ने खलिहान की जमीन पर कब्जा करने, आम्बा गांव के रोशन लाल ओझा ने खतौनी मिलने से दिक्कतें, एममवैया गांव के बृजेश पाल ने चक मार्ग पर अवैध कब्जा करने की शिकायत की।
मौके पर एसीपी सुनील कुमार सिंह, तहसीलदार राजेश पाल, नायब तहसीलदार संध्या गोस्वामी, नायब तहसीलदार संतोष यादव, नायब तहसीलदार अनुग्रह नारायण सिंह, कानूनगो मोहम्मद अहमद आदि रहे। बारा में एसडीएम चंदन सिंह यादव ने शिकायतें सुनीं। विकास खंड जसरा के कचरा निवासी राहुल प्रदूषित पानी की बोतल लेकर पहुंचा और हैंडपंप रिबोर कराने की मांग की है।
शिवराजपुर के पंचेश्वर त्रिपाठी ने उनकी भूमिधरी जमीन पर कब्जा, गोबरा तरहार के नागेंद्र बहादुर सिंह ने चक मार्ग खाली कराने, अकौरिया गांव के उदय भान सिंह ने गांव में पंचायत भवन न होने की शिकायती की। इस दौरान 287 शिकायती पत्र में राजस्व के तीन मामले निस्तारित किए गए है। फूलपुर में नवागत एसडीएम हीरालाल सैनी के सामने विभिन्न विभागों से संबंधित 468 शिकायतें आईं, जिन्हें संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।