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नागा संन्यासियों के 500 शिविर उजाड़े, किया विरोध

Tue, 08 Jan 2013 05:34 PM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
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मेला प्रशासन ने सोमवार को सेक्टर चार में अभियान चलाकर नागा संन्यासियों के पांच सौ शिविर उजाड़ दिए। मेला प्रशासन ने यह कार्रवाई अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत की। अफसरों का दावा है कि नागा संन्यासियों ने तंबू लगाकर अतिक्रमण कर लिया था जबकि वहां अस्थायी घाट बनाया जाना है।
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फिलहाल मौके से हटाए गए संन्यासियों में कुछ को आसपास ही बसा दिया गया है जबकि ज्यादातर को दूर-दराज के सेक्टरों में भेजा गया है। मेला प्रशासन की इस कार्रवाई से संतों में गुस्सा है। वे आत्मदाह करने की चेतावनी दे रहे हैं। संन्यासियों के अनुसार इस कार्रवाई से उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है।

सेक्टर चार में त्रिवेणी मार्ग को काली मार्ग से जोड़ने वाली सड़क की पूर्वी पट्टी पर जूना, आवाहन और अग्नि अखाड़े के नागा संन्यासियों के तकरीबन 500 शिविर लगे हुए थे। मेला प्रशासन के लोग भारी पुलिस फोर्स के साथ सोमवार सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचे और शिविर हटवाने लगे। विरोध हुआ तो शिविर उखाड़ कर फेंक दिए गए।
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नागा संन्यांसियों को समझाने के लिए प्रशासन और पुलिस के साथ जूना अखाड़े के सचिव हरिगिरी भी मौके पर पहुंचे। उनके आने के बाद विरोध थम गया और प्रशासन ने कुछ ही देर में तकरीबन पांच सौ शिविर हटा दिए लेकिन उनके लौटने के बाद नागा संन्यासियों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई के विरोध में तमाम संन्यासी मौके पर ही धरने पर बैठ गए। 

मामला हल करने के लिए वहां पहुंचे प्रशासन के कुछ लोगों के समझाने पर नागा संन्यासी इस मार्ग की पश्चिमी पट्टी पर जाने को तैयार हुए लेकिन वहां पर्याप्त जगह नहीं थी। इस पर अफसरों ने बहुत से संन्यासियों को सेक्टर-सात और सेक्टर-आठ में जाने को कहा, जिसका संन्यासियों ने विरोध किया। तमाम प्रयास के बाद उनके लिए कोई दूसरा विकल्प भी नहीं था, सो विरोध के बाद सभी ने दूसरी जगह तलाश ली।

इन्हीं में से एक महंत त्रिवेणी ने आरोप लगाया कि रकम देने वालों को अच्छी जगह जमीन दी जा रही है और नागा संन्यासियों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। अगर अतिक्रमण था तो शिविर लगाते वक्त क्यों नहीं रोका गया। उधर, एडीएम कुंभ मेला एसके शर्मा का कहना है कि शिविर अतिक्रमण कर लगाए गए थे। शिविरों को हटाकर वहां अस्थायी घाट बनाया जाएगा।
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