भूमाफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियोें ने पूर्व विधायक वाचस्पति सहित 50 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनके कब्जे वाली जिले में अलग-अलग स्थानों पर 65 बीघा सरकारी जमीन को भी कब्जा मुक्त करा दिया गया है। अभी इनके कब्जे से 300 बीघा जमीन भी खाली कराई जानी है। ये मुकदमे शहर के धूमनगंज, कैंट, करेली और सिविल लाइंस थानों में दर्ज कराए गए हैं।
थाना धूमनगंज पुलिस ने विशनापुर कालोनी में आठ बीघा सरकारी बंजर जमीन कब्जाने के आरोप में पूर्व विधायक वाचस्पति के खिलाफ मुकदमा दर्र्ज किया है। पुलिस के अनुसार इस भूमि का अधिकांश हिस्सा अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया है। कुछ और जमीन कब्जे में है, उसे भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसी इलाके के संजय केशरवानी ने सरकारी तालाब को पाटकर उस पर स्कूल बना लिया था। तहसील के अभिलेखों के आधार पर उसके खिलाफ भी मुकदमा करा दिया गया है। माफिया राम लोचन यादव और राम लखन यादव के खिलाफ कान्हापुर में सरकारी जमीन कब्जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनके अलावा कैंट, करैली, सिविल लाइंस थानों में भी 20 सरकारी जमीन को कब्जाने के मुकदमे लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराए गए हैं।
धुमनगंज थाना प्रभारी अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि अतीक अहमद के पांच और गुर्गों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है। इनमें नीवा के इसरार, दिनेश पासी, बद्दू पुत्र रफीक, चकिया के रुकसार और रफाउल्ला का नाम शामिल है।