संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की शनिवार को हुई बैठक में आठ वर्ष पुरानी डीजल चलित स्कूली बसों को चलन से बाहर करने का निर्णय लिया गया। ये बसें एक जनवरी 2018 से नहीं चलेंगी। एक जनवरी से इन बसों की धरपकड़ की जाएगी। वहीं डीटी, ईटी और सीटी सिरीज के डीजल चलित तिपहिया (टेंपो) संचालकों को शर्तों के साथ कुछ दिन की छूट दी गई है। निर्धारित अवधि में वाहन सीएनजी में तब्दील न कराने वालों के परमिट निरस्त कर दिए जाएंगे। ई रिक्शा के रूट निर्धारण करने का निर्देश भी दिया गया।
मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल की अध्यक्षता में हुई आरटीए की बैठक में शहर की आबोहवा बिगाड़ रहे डीजल चलित टेंपो और स्कूल बसों के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आठ वर्ष या अधिक पुरानी स्कूली बसों का संचालन 31 दिसंबर के बाद नहीं होगा। आरटीओ दफ्तर में पंजीकृत ऐसी बसों की संख्या करीब 450 है। अन्य डीजल चलित स्कूली बसों को चरणबद्ध तरीके से चलन के बाहर किया जाएगा। फिलहाल आठ वर्ष से कम पुरानी बसों को 31 मार्च तक सीएनजी में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। जिले में तकरीबन 1400 स्कूली हैं। शहरी क्षेत्र में 1250 बसें हैं। जिनमें 450 बसें चलन से बाहर कर दी गई हैं।। वहीं शहर में चल रहीं 100 से अधिक सिटी बसों को सीएनजी में तब्दील करने के लिए 31 मार्च तक की मोहलत देने का निर्णय लिया गया है।
आरटीए की बैठक में एटी, बीटी सिरीज के टेंपो संचालकों को कोई मोहलत नहीं देने का पूर्व में लिया गया निर्णय बहाल रखा गया। डीटी 1 से 5000 सिरीज के टेंपो को 30 जनवरी, तथा डीटी 5001 से9999 सिरीज तक के टेंपो सीएनजी में तब्दील कराना होगा। ईटी सिरीज के टेंपो को 28 फरवरी तथा सीटी सिरीज के टेंपो संचालकों को 15 फरवरी तक मोहलत दी गई है। इन सिरीज के टेंपो संचालकों को सीएनजी वाहन में तब्दील करने या किट लगवाने का प्रमाण देने पर ही पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाएगा। इन सिरीज के करीब 2500 टेंपो शहर में चल रहे हैं।
कमिश्नर ने कहा कि बम्हरौली और नैनी में सीएनजी पंप का संचालन एनओसी न मिलने के कारण अटका है। इस पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने शीघ्र एनओसी दिलाने की बात कही। बैठक में ई रिक्शा के रूट निर्धारण को डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया। अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर ने कहा कि सरकारी दफ्तरों में सिर्फ टैक्सी परमिट वाले वाहनों को ही संबद्ध करने की अनुमति दी जाए। राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले निजी वाहनों की धरपकड़ की जाए जो सरकारी विभागों की प्लेट लगाकर चल रहे हैं। बैठक में कमिश्नर के साथ आरटीए के सचिव आरटीओ सगीर अहमद, सदस्य डीएम सुहास एलवाई, उप परिवहन आयुक्त चुन्नीलाल मौजूद रहे।