प्रयागराज के थानों में क्यों नहीं महिला शौचालय
0 हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से मांगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से पूछा है कि जिले के थानोें में महिला शौचालय क्यों नहीं हैं। विधि छात्रों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सीडी सिंह की पीठ ने इस बात पर हैरानी जताई है कि महिलाओें के लिए थानों में शौचालय नहीं बनाए गए हैं।
प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि एसएसपी ने जिलाधिकारी को पत्र भेज कर इस ओर ध्यान आकृष्ट किया है। डीएम से जिले के सभी थानों में महिला शौचालय बनवाने का अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद जिले के 39 थानों में महिला शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। याचिका में कहा गया कि जिले के किसी भी थाने में महिला शौचालय नहीं है। इसकी वजह से महिला पुलिसकर्मियों और महिला पुलिस अधिकारियों को तो कठिनाई का सामना करना ही पड़ता है। थाने पर शिकायत लेकर जाने वाली महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है। प्रयागराज जैसे बड़े जिले के थानों में महिला शौचालय ने होना प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन का मखौल उड़ाना है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 22 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी है।