इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
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इविवि और संघटक कॉलेजों में अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर बाकी सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया है। प्रोन्नत किए गए छात्र-छात्राओं की संख्या तकरीबन 40 हजार है। प्रमोट किए गए छात्र-छात्राओं को सात सितंबर तक अपनी नई कक्षा की फीस आॉनलाइन जमा करनी है। वहीं, द्वितीय से तृतीय सेमेस्टर में प्रोन्नत किए गए स्नातक के छात्र-छात्राओं को विषय आवंटन के फॉर्म 27 अगस्त तक सब्मिट करने है, क्योंकि द्वितीय वर्ष में उनके पास तीन विषय थे और तृतीय वर्ष में उन्हें इनमें से कोई दो विषय चुनने होंगे। विषय आवंटन के फॉर्म ऑनलाइन सब्मिट किए जाने की तैयारी चल रही है, ताकि इविवि में छात्र-छात्राओं की भीड़ इकट्ठा न हो।
इविवि एवं कॉलेजों में कुल 60 हजार छात्र-छात्राएं हैं। इनमें से अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं की संख्या 20 हजार के आसपास है। इनके लिए सितंबर में परीक्षा कराने की तैयारी है। हालांकि, इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर जारी पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं यूजीसी एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कराई जाएंगी। स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं दो घंटे की होंगी और छात्रों को एक पेपर में किन्हीं चार सवालों के जवाब देने होंगे। छात्रों के प्रायोगिक परीक्षा के अंक एसाइनमेंट और वाइवा के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। अगर कोई छात्र किसी एक विषय में फेल हो जाता है तो इंप्रूवमेंट के लिए द्वितीय परीक्षा दे सकेगा।
हालांकि, यह छूट कोविड-19 के मद्देनजर केवल सत्र 2019-20 के लिए ही मान्य होगी। प्रथम वर्ष के छात्र अब द्वितीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के छात्र तृतीय वर्ष की ऑनलाइन कक्षाएं अटेंड कर सकते हैं। यह व्यवस्था सेमेस्टर सिस्टम की कक्षाओं के लिए भी लागू कर दी गई है। दूसरे, चौथे, छठवें एवं आठवें सेमेस्टर 2019-20 के छात्रों को भी सत्र 2020-21 के लिए अगले सत्र में प्रमोट किया गया गया है। रजिस्ट्रार के अनुसार नए सत्र के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन 17 अगस्त से शुरू किया जा चुका है। अगर किसी छात्र को समस्या है तो वह अपने विभागाध्यक्ष से संपर्क कर सकता हैं।
प्रमोशन के बाद भी देनी होगी पिछले वर्ष की परीक्षा
अगली कक्षा में प्रमोट किए गए स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को आगे चलकर अपनी पिछली कक्षाओं की परीक्षाएं भी देनी होंगी। स्नातक प्रथम से द्वितीय वर्ष में प्रमोट किए गए छात्रों को जाड़े की छुट्टी में प्रथम वर्ष की परीक्षा देनी होगी। वहीं, द्वितीय से तृतीय वर्ष में प्रमोट किए गए छात्रों को अक्तूबर के मध्य में द्वितीय वर्ष की परीक्षा देनी होगी। अगर किसी कारण वर्ष अक्तूबर के मध्य तक परीक्षा कराने की स्थिति नहीं बनती है तो छात्रों को पिछली कक्षा में मिले अंकों के औसत के आधार पर द्वितीय वर्ष की मार्कशीट दी जाएगी। अगर छात्र मार्कशीट में मिले अंकों से संतुष्ट नहीं है तो वह सत्र 2020-21 के दौरान आगे चलकर द्वितीय वर्ष के अपने सभी विषयों की परीक्षाएं दे सकेंगे।