वहींं, एसआरएन के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने हलफनामे में बताया कि अस्पताल में विभिन्न विभागों में पुरुष और महिला डॉक्टरों के लिए शौचालय युक्त कुल तीस विश्राम कक्ष बनाएं गए हैं। हालांकि, पल्मोनरी विभाग और ईएनटी विभाग में महिला डॉक्टरों के लिए कोई ड्यूटी रूम नहीं है। सर्जरी विभाग में विश्राम कक्ष की मरम्मत की गई है।
कोर्ट ने पाया कि हलफनामा संग दाखिल चार्ट के मुताबिक कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, सर्जरी (आपातकाल) के अलावा, पल्मोनरी और ईएनटी विभाग में महिला डॉक्टरों के लिए ड्यूटी रूम निर्माणाधीन हैं। कोर्ट ने पूछा कि कुछ विभागों में कई वार्ड हैं, लेकिन ड्यूटी रूम केवल एक है, ऐसा क्यों है?
कोर्ट ने उक्त जानकारी के साथ सीएमएस से अतिरिक्त हलफनामा तलब करते हुए यह भी बताने को कहा है कि सभी विभागों में महिला डॉक्टरों के लिए अलग ड्यूटी रूम के निर्माण की क्या योजना है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अक्तूूबर की तारीख नियत की है।