जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में एसटीएफ और पुलिस जेल में बंद शातिर बंदियों के साथ प्रधान बंदीरक्षक के गांव की रंजिश भी खंगाल रही है। जेल में बंदियों से पूछताछ के साथ ही कुछ दिनों पहले जमानत पर छूटे चार बदमाशों को उठाया गया है। हालांकि घटना के 36 बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है।
जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक हरिनारायण त्रिवेदी की हत्या ने पुलिस के साथ एसटीएफ को भी उलझा रखा है। शुरुआत में यह आशंका जताई जा रही थी कि जेल में बंद शातिर बदमाशों से रंजिश के चलते ही उनकी हत्या की गई है। चूंकि हरिनारायण जेल मैनुअल का पालन कराने को लेकर हमेशा सख्ती बरतते थे। इससे जेल में अपना सिक्का चलाने वाले कुछ बंदी उनसे खार खाए रहते थे। जेल मैनुअल का पालन न होने पर वह अपने साथी बंदीरक्षकों के साथ भी सख्ती से पेश आते थे। शुक्रवार को इस घटना में नया मोड़ तब आ गया जब प्रधान बंदीरक्षक के बेटे ने जिला जेल के बंदीरक्षक संतलाल पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा दिया।
उसका कहना था कि हरिनारायण का ड्यूटी लगाने को लेकर विवाद हुआ था और उसने उन्हें धमकी दी थी। उन्होंने यह बात घरवालों को भी बताई थी। पुलिस इस बिंदू पर भी गहराई से छानबीन कर रही है। एसपी एस आनंद का कहना है कि कई तथ्यों को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। जेल के साथ ही प्रधान बंदीरक्षक के गांव की रंजिश को लेकर भी गहराई के साथ छानबीन की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
जेलरोड क्रासिंग के पास प्रधान बंदीरक्षक की हत्या कर भागते समय दोनों आरोपी एक अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। एसपी ने घटना की फुटेज सोशल मीडिया पर डाल दी। उन्होंने कहा है कि प्रधान बंदीरक्षक हरिनारायण के हत्यारोपियों के बारे में सुराग देते हुए उन्हें पकड़वाने में पुलिस की मदद करने वाले को 50 हजार रुपये का पुरस्कर दिया जाएगा। उसका नाम भी गुप्त रखा जाएगा।
घटना के बाद लगातार जेल में तलाशी, पूछताछ
प्रतापगढ़। जिला कारागार में तैनात प्रधान बंदीरक्षक हरिनारायण त्रिवेदी की गोली मारकर हत्या करने की घटना के बाद जेल में तलाशी शुरू हो गई। शातिर बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। इससे जेल में अफरातफरी मची हुई है। जेल के अंदर भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान भी पुलिस के हाथ लगे हैं। म्हालांकि इस बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
जिला कारागार से 15 दिन के भीतर कितने बंदी छूटे हैं। इसकी सूची जेल प्रशासन से पुलिस ले रही है। उन बंदियों में कितने शातिर बदमाश शामिल हैं। ऐसे बंदियों से क्या प्रधान बंदीरक्षक का विवाद हुआ था। इस बात का पता करने में क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस जुटी हुई हैं।