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बीएचयू में नियुक्तियों का विवाद: जांच कमेटी की रिपोर्ट को हाईकोर्ट में चुनौती

Tue, 30 Apr 2019 08:26 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में सहायक प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर आदि पदों पर नियुक्तियों को लेकर पैदा हुए विवाद की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कमेटी हाईकोर्ट के आदेश के तहत ही गठित की गई थी, मगर इसकी रिपोर्ट से शिकायतकर्ता/याचिकाकर्ता असहमत हैं। इसलिए मामला दोबारा हाईकोर्ट पहुंचा। डॉ. व्यंकटेश सिंह और पांच अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर अपना-अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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इससे पूर्व बीएचयू के विभिन्न संकायों में सहायक प्रोफेसर, प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर आदि पदों पर नियुक्तियों में धांधली तथा भाई-भतीजा वाद का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की गई थी। कहा गया कि विभिन्न पदों पर नियुक्ति करते समय योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी कर उनसे कम योग्यता रखने वालों का चयन कर लिया गया। इस पर हाईकोर्ट ने कुलपति को याचीगण के प्रत्यावेदन पर विचार कर निस्तारण करने का आदेश दिया था। याचीगण के अधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि कुलपति ने आदेश के अनुपालन में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस कलीमुल्लाह खान और प्रो. एम जोशी की कमेटी बना दी। कमेटी ने याचीगण के 16 जुलाई 2018 के प्रत्यावेदन की जांच के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट कुलपति को सौंपी। रिपोर्ट में याचीगण द्वारा उठाई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है।

याची के अधिवक्ता का कहना था कि प्रत्यावेदन में उठाए गए वैधानिक मुद्दों का कमेटी ने सही तरीके से निस्तारण नहीं किया है। तथ्यों पर कमेटी का निष्कर्ष सही नहीं है और कमेटी ने भ्रमित करने वाली रिपोर्ट पेश की है। कोर्ट ने चयनित 35 पक्षकारों को भी नोटिस जारी करते हुए सभी पक्षों को अपना-अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका पर तीन जुलाई को अगली सुनवाई होगी।

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