प्रयागराज। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) ने विज्ञापन संख्या 49 के तहत प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य पद के लिए आवेदन करने वाले तकरीबन 1200 अभ्यर्थियों में से 219 अभ्यर्थियों को अनर्ह घोषित कर दिया है। इन अभ्यर्थियों की सूची आयोग के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 11 अक्तूबर को प्रस्तावित है। इस पद के लिए तकरीबन 1200 आवेदन आए हैं। आवेदनों के परीक्षण के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता पूर्ण न करने के कारण आयोग ने 219 अभ्यर्थियों को अनर्ह घोषित कर दिया है और इसका कारण भी स्पष्ट किया है। अनर्ह घोषित किए गए ज्यादातर अभ्यर्थी आवेदन की अंतिम तिथि को न्यूनतम 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण नहीं कर रहे हैं और एपीआई स्कोर 400 से कम है।
एक आवेदक एक अगस्त 1999 से अलग-अलग नौ संस्थाओं में कार्यरत था और सहायक आचार्य भी नहीं है। एक अभ्यर्थी आवेदन की अंतिम तिथि तक पीएचडी भी नहीं है। किसी अभ्यर्थी की आवेदन की अंतिम तिथि को नियमित निरंतर सेवा 15 वर्ष से भी कम है और वह एसोसिएट प्रोफेसर भी नहीं है। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी वर्ष 2001 से प्राइवेट संस्थानों में कार्यरत है और एसोसिएट प्रोफेसर भी नहीं है। शैक्षिक प्रदर्शक सूचकांक भी 400 से कम है। वहीं एक महिला अभ्यर्थी सेवा में नहीं है और शिक्षण अनुभव भी नहीं है।