रिश्वत देने पर ही एरियर भुगतान, स्थानांतरण
0 माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण गुट) का शिक्षा निदेशालय पर धरना, अफसरों पर लगाए गए गंभीर आरोप
0 डिप्टी सीएम एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन एडी माध्यमिक को सौंपा, भुगतान के लिए रकम की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण गुट) के नेतृत्व में शिक्षकों ने एरियर एवं स्थानांतरण में भ्रष्टाचार को लेकर बृहस्पतिवार को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान शिक्षा निदेशालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए। विभिन्न मांगों को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर निदेशक माध्यमिक रमेश को सौंपा गया।
धरने स्थल पर हुई सभा में विधान परिषद सदस्य चेत नारायण सिंह ने कहा कि शिक्षा निदेशालय आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा है। बिना रिश्वत लिए शिक्षकों के स्थानांतरण एवं एरियर भुगतान की पत्रावलियों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। वेतन अवशेष, बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन एवं जीपीएफ भुगतान के लिए बजट का आवंटन नहीं किया जा रहा है। पूर्व एमएलसी लवकुश मिश्र ने कहा कि स्थानांतरण एवं एरियर भुगतान के नाम पर निदेशालय में खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों से इस तरह की शिकायत आ रही है। प्रदेश मंत्री महेश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश में कई जनपदों में 2009 से सामूहिक जीवन बीमा के बकाया का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मंडलीय अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि माध्यमिक शिक्षकों का स्थानांतरण पाना एवरेस्ट पर चढ़ाई के समान है। निदेशालय में सैकड़ों पत्रावलियां स्थानांतरण की प्रत्याशा में लटकी पड़ी हैं।
प्रदेश मंत्री अनिरुद्ध त्रिपाठी ने तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण का मुद्दा उठाया, जबकि प्रांतीय उपाध्यक्ष ने वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय का मामला उठाते हुए सरकार को शिक्षक विरोधी बताया। प्रांतीय प्रवक्ता डॉ.महेंद्र सिंह ने शिक्षा निदेशक एवं अपर शिक्षा निदेशक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि निदेशालय में लिपिकों के जरिए धनउगाही कराई जा रह है। धरने में रमेश सिंह, संजय द्विवेदी, ज्वाला प्रसाद राय, शिव सिंह परमार, विश्वनाथ सिंह, दिवाकर भारतीया, डॉ.हरिश्चंद्र गुप्त, हबीबुर्रहमान, डॉ.प्रमोद गुप्ता, एनपी त्यागी, श्याम शंकर यादव, रामचंद्र यादव आदि शामिल थे।
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ज्ञापन में मुख्य मांग
0 वेतन संबंधी अवशेष भुगतान के लिए एक हजार करोड़ रुपये जारी हो
0 परीक्षा एवं मूल्यांकन पारिश्रमिक के लिए 150 करोड़ रुपये जारी हो
0 बलिया, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती जैसे जनपदों के पीएफ भुगतान के लिए 75 करोड़ रुपये जारी होग