अस्सी स्थित मंदिर में भगवान जगन्नाथ को जलाभिषेक करते भक्त।
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया छह जुलाई को निकाली जाएगी। इसके लिए आयोजन समितियों की ओर से तैयारियां की गईं हैं। श्री जगन्नाथ जी महोत्सव समिति की ओर से जीरो रोड स्थित आर्य भवन से निकलने वाली रथयात्रा में रथ से लेकर छत्र, चंवर, भव्य सिंहासन शोभा बढ़ाएंगे।
इक्कीस रंग के गुलाब के फूलों से सजे सोलह पहियों वाले रथ में भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा एवं बड़े भाई बलदाऊ के साथ विराजेंगे। भगवान के रत्नजड़ित वस्त्र बनारस, लखनऊ से आए कारीगर तैयार कर रहे हैं। संयोजक बसंत लाल आजाद के मुताबिक रथयात्रा में पांच रथ और शामिल किए जा रहे हैं। इसमें भगवती दुर्गा, शिव परिवार, राधा कृष्ण, विष्णु लक्ष्मी और श्रीकृष्ण बलदाऊ के विग्रह होंगे। रथयात्रा में भगवान श्रीकृष्ण की लीला प्रसंगों की झांकियां एवं भजन मंडलियां शामिल की जाएंगी।
लोक कलाकार डांडिया, महारास की प्रस्तुति रथयात्रा को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। सह संयोजक राजेश केसरवानी ने रथयात्रा के निर्धारित रास्ते को ठीक कराने की मांग की है। श्रीजगन्नाथ रथयात्रा समिति कीडगंज की ओर से त्रिवेणी मार्ग स्थित जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा निकाली जाएगी। अध्यक्ष राजेश सिंह एवं महामंत्री डॉ. महेंद्र तिवारी की देखरेख में सोलह पहियों वाले रथ का निर्माण कराया गया है। समिति की ओर से रथयात्रा की तैयारी पूरी है।