संगम की रेती पर शनिवार को 204 दूल्हों की ढोल और घोड़ा-हाथी संग बारात ले जाने की आस पूरी हुई। हालांकि बाराती संग दूल्हे भी पैदल आयोजन स्थल तक पहुंचे। सरकारी स्तर पर श्रम विभाग की ओर से प्रदेश में आयोजित पहले सामूहिक विवाह समारोह में 204 जोड़े एक-दूजे के हुए। भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकाें की पुत्रियों की वैदिक विधि से हुई शादी में उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा समेत कई मंत्री तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे तो काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ.कुलपति तिवारी ने भी वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़ों के परिजन तथा रिश्तेदार तो शामिल रहे ही, आमजन भी इस अनूठे आयोजन को देखने के लिए पहुंचे। एक साथ 200 से अधिक दूल्हों की बारात तथा बड़े पांडाल में कतार में बैठे जोड़ों की शादी को देखना लोगों के लिए कौतुहल भरा रहा। राबर्ट्सगंज के संतोषधर द्विवेदी ने 10 अन्य आचार्य की मदद से विवाह कार्यक्रम संपन्न कराया। पंचांग पूजन तथा कन्या दान उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी तथा उनकी पत्नी ने किया। बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार दास, एलडीएम रामजी ने वर-वधू को साड़ियां और उपहार दिए। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने कहा कि अंतिम पावदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। गरीब परिवार के युवाओं की बाजा संग बारात ले जाने की इच्छा पूरी हुई। सामूहिक विवाह से बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं बची है।
उन्होंने श्रमिकों के दुर्घटना, उनके बच्चों की उच्च शिक्षा आदि की बाबत शुरू योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उप मुख्यमंत्री ने वर-वधू को शादी का रजिस्ट्रेशन कराने तथा आधार कार्ड से लिंक कराने की नसीहत दी। साथ में सुखी जीवन जीने के मंत्र दिए। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में जीत दिलाकर लोगों ने प्रदेश सरकार की योजनाओं पर मुहर लगाया है। प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने अनूठा आयोजन बताते हुए अन्य जिलों में भी सामूहिक विवाह कराने की वकालत की। श्रम राज्यमंत्री मनोहर लाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री डॉ.नरेंद्र सिंह गौर, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, प्रवीण पटेल, राजमणि कोल, डीएम सुहास एलवाई, एसएसपी आकाश कुलहरि समेत संख्या ने जनप्रतिनिधि तथा अफसर मौजूद रहे।
सामूहिक विवाह समारोह में गुजरात और मध्य प्रदेश के कलाकारों की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। मध्य प्रदेश के कलाकारों ने कृष्ण लीला को दिखाकर तालियां बटोरी तो गुजरात के कलाकारों के गरबा को भी खूब सराहा गया।
श्रमिकों का पंजियन शुल्क 40 रुपये कर दिया गया है। पहले 100 रुपये था। इसके अलावा सरकार ने अब पंजियन के एक वर्ष बाद ही श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ देने की घोषणा की है। पहले तीन साल बाद ही श्रमिक योजनाओं के लाभ के पात्र हो पाते थे।
प्रदेश सरकार की हर जिले में सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन की तैयारी है। उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने इसकी पहल की। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जल्द ही अन्य जिलों में आयोजन की घोषणा की। हालांकि अगला कार्यक्रम कब और कहां होगा अभी तय नहीं हुआ है।
सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से मुखातिब उप मुख्यमंत्री ने शिक्षा नीति तथा कान्वेंट स्कूलों की फीस आदि के परिपेक्ष्य में लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति का प्रारूप 22 दिसंबर तक निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों तथा आम लोगों से उस पर सुझाव मांगे गए हैं। उन्होंने नकल विहीन बोर्ड परीक्षा का संकल्प फिर दोहराया। एक सवाल के जवाब में कहा कि तीन हजार विद्यालय परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर किए गए हैं। उनके खिलाफ शिकायतें थीं। इसके अलावा पहले अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाते थे। ऐसे में इन विद्यालयों के बाहर करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे होंगे। उनका कहना था कि सूची से बाहर किए गए कालेजों के प्रबंधन के पास कोर्ट जाने का अधिकार है।
प्रदेश सरकार जल्द ही औद्योगिक नीति लाने जा रही है। इसके तहत उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसमें प्रावधान होगा कि उद्योगों में संबंधित जिले के युवाओं को नौकरी में वरियता दी जाए।
सामूहिक विवाह समारोह में पहुंचे उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने घोषणा की कि इलाहाबाद से जल्द कई जिलों के लिए हवाई सेवा शुरू की जाएगी। सेवा सस्ते दर पर होगी। आगरा से इसकी शुरुआत हो चुकी है। अगले चरण में इलाहाबाद से 16-17 जहाजों के उड़ान की तैयारी है।